खैरागढ़. छत्तीसगढ़ के नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले में आबकारी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जालबांधा स्थित देशी शराब दुकान में एक ग्राहक के साथ अभद्रता, लूट जैसी हरकत और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है और पीड़ित ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसपुर (घुमका) निवासी चंद्रेश वर्मा शुक्रवार को जालबांधा शराब दुकान पहुंचे थे। उन्होंने 240 रुपये का भुगतान कर तीन पाव देसी शराब खरीदी। आरोप है कि काउंटर से बाहर निकलते ही सेल्समैन लोमस कुमार ने उन्हें रोक लिया और जबरन उनके हाथ से शराब छीन ली। जब चंद्रेश ने अपने पैसे वापस मांगे, तो संचालक ने साफ इनकार कर दिया।
कॉलर पकड़कर गाली-गलौज, मारपीट तक पहुंचा विवाद

पीड़ित के मुताबिक, विरोध करने पर सेल्समैन आपा खो बैठा और सरेआम उनका कॉलर पकड़कर गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की व मारपीट की स्थिति बन गई। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद बताई जा रही है।
“मैंने अपनी मेहनत की कमाई से शराब खरीदी थी, लेकिन मुझसे जबरन छीन ली गई और मेरे साथ बदसलूकी की गई। प्रशासन से न्याय की उम्मीद है।” — चंद्रेश वर्मा, पीड़ित
ओवररेटिंग और बदसलूकी का पुराना खेल
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिले की शराब दुकानों में ओवररेटिंग (तय कीमत से अधिक वसूली) और ग्राहकों से बदसलूकी आम बात हो चुकी है। 10 से 20 रुपये अतिरिक्त वसूली की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। विरोध करने पर ग्राहकों को धमकाने और अपमानित करने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
आबकारी विभाग पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि आबकारी विभाग की ढिलाई और निगरानी की कमी के चलते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जालबांधा की यह घटना विभाग के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
जांच के आदेश, कार्रवाई पर नजर
घटना के बाद अब जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा—यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
इस संबंध में आबकारी निरीक्षक विजेन्द्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


