खैरागढ़. जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कार्रवाई करते हुए दो पान मसाला उत्पादों को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद उनके विक्रय, भंडारण और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंधित उत्पादों में पैक्ड फीट पान राज सैफ्रॉन ब्लैडेंड पान मसाला (128 ग्राम) और पैक्ड सितार पान मसाला (125 ग्राम) शामिल हैं। दोनों उत्पादों की पैकेजिंग दिनांक, बैच क्रमांक और अवसान तिथि अंकित नहीं थी।
अभिहित अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन सिद्धार्थ पाण्डेय के निर्देश पर जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार घृतलहरे ने 22 अप्रैल 2026 को दोनों उत्पादों के विधिक नमूने संकलित कर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी रायपुर भेजे थे। प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में दोनों नमूनों को “UnSafe” (असुरक्षित) घोषित किया गया।

जांच में पान राज पान मसाला में निर्धारित सीमा से अधिक Total Ash 9.62 प्रतिशत तथा Ash insoluble in dilute HCL 0.60 प्रतिशत पाया गया। वहीं सितार पान मसाला में Total Ash 5.26 प्रतिशत और Ash insoluble in dilute HCL 0.38 प्रतिशत मिला। परीक्षण के दौरान सितार पान मसाला में Magnesium 0.34 प्रतिशत, Carbonate तथा तंबाकू भी पाया गया। इन आधारों पर दोनों उत्पादों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत असुरक्षित घोषित किया गया।
स्वास्थ्य एवं जनसामान्य के हित को देखते हुए जिले के अधिकार क्षेत्र में उक्त दोनों पान मसालों के संबंधित पैकेजिंग, बैच एवं अवसान विवरण वाले उत्पादों का विक्रय, भंडारण और वितरण तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई दुकानदार इन दोनों उत्पादों का विक्रय या भंडारण करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


