खैरागढ़. छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारियों की लंबित मांगों और PV ऐप की तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं को लेकर जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने समर्थन दिया है। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष प्रखर शरण सिंह सहित पदाधिकारियों ने रावण भांठा इतवारी बाजार पहुंचकर हड़ताल पर बैठे पटवारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।

फेडरेशन के अनुसार, PV ऐप के माध्यम से फसल के भौतिक सत्यापन में आ रही तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं को लेकर राजस्व पटवारी संघ पहले भी शासन और विभाग को ज्ञापन सौंप चुका है, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं हुआ है। इसी बीच ऐप के बहिष्कार के मामले में बलौदाबाजार जिले में संघ पदाधिकारियों एवं अन्य पटवारियों के स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई हुई है। फेडरेशन ने इन कार्रवाइयों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।


पटवारी डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक एवं किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना के प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वेक्षण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना, सेवा संकल्प शिविर और प्रोटोकॉल सहित अनेक शासकीय दायित्व निभा रहे हैं। फेडरेशन का कहना है कि तकनीकी समस्याओं का समाधान किए बिना कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय संवाद और समन्वय से रास्ता निकाला जाना चाहिए।
13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल
राजस्व पटवारी संघ के सदस्य 13 अक्टूबर 2026 से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। फेडरेशन ने पटवारियों की वर्षों से लंबित वेतन विसंगति दूर करने, पात्र कर्मचारियों को न्यायसंगत वेतनमान देने और नियमानुसार पदोन्नति का लाभ सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।
फेडरेशन ने शासन से पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक कर PV ऐप की तकनीकी एवं व्यवहारिक समस्याओं का निराकरण करने, कार्य की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्था बनाने तथा बलौदाबाजार में स्थानांतरण व कारण बताओ नोटिस और महासमुंद में निलंबन की कार्रवाइयों की समीक्षा करने की मांग की है। संगठन ने अनुचित पाई जाने वाली कार्रवाइयों को निरस्त करने और आंदोलन समाप्त कराने के लिए प्रभावी पहल करने की अपील की। फेडरेशन ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार पटवारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी, ताकि गतिरोध समाप्त हो और राजस्व संबंधी शासकीय कार्य प्रभावित न हों।


