खैरागढ़. जिले में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। ठेलकाडीह-ढ़ारा मार्ग पर गुरुवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में एक 16 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम छपारा निवासी भेसज पटेल उर्फ श्लोक पटेल (16), पिता मनोज पटेल, अपने साथी बलेश्वर साहू, पिता बल्लू साहू के साथ एक बाइक पर सवार होकर ग्राम मोहारा निवासी रितिक पटेल, पिता स्व. जगन्नाथ पटेल को लेने ठेलकाडीह गए थे। तीनों युवक एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान जब वे ग्राम गातापार कला के पास पहुंचे, सामने से आ रही एक अन्य तेज रफ्तार बाइक से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरी बाइक पर ग्राम रूसे निवासी रितेश यादव, पिता आत्मा यादव, ललित यादव, पिता रामावतार यादव और ग्राम भईसरा निवासी करण यादव, पिता चुम्मन यादव सवार थे जो ठेलकाडीह की ओर जा रहे थे।
दोनों बाइकों के बीच हुई जबरदस्त टक्कर इतनी भीषण थी कि सभी छह युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसे में भेसज पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य पांच युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल ठेलकाडीह पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल, राजनांदगांव भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है।
वहीं, पुलिस ने मृतक भेसज पटेल के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।
यातायात नियमों की अनदेखी बनी जानलेवा
जिले में लगातार यातायात विभाग द्वारा दुपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए समझाइश दी जा रही है, साथ ही नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। इसके बावजूद लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। यही लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है, जिसके चलते आए दिन सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा
इस हादसे ने एक बार फिर जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और युवाओं में तेज रफ्तार के बढ़ते चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं, तभी ऐसे हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।



