खैरागढ़. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच देश के कई हिस्सों में ईंधन संकट की स्थिति बनती नजर आ रही है। ऐसे माहौल में छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से डीजल चोरी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था बल्कि ईंधन संकट के बीच बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को भी उजागर कर दिया है।


जिला मुख्यालय खैरागढ़ के नया बस स्टैंड में शनिवार 13 जून की देर रात अज्ञात चोरों ने खड़ी यात्री बसों को निशाना बनाते हुए करीब 300 लीटर डीजल चोरी कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पांच बसों के डीजल टैंकों के ताले तोड़कर चोरों ने यह वारदात अंजाम दी। चोरी हुए डीजल की कीमत लगभग 30 हजार रुपये बताई जा रही है।
रात 2 से 2.30 बजे के बीच हुई पूरी वारदात
मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने घटना को और भी गंभीर बना दिया है। बस स्टैंड के आसपास स्थित कई दुकानों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग में एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन देर रात करीब 2 बजे बस स्टैंड परिसर में पहुंचती दिखाई दे रही है। फुटेज के अनुसार वाहन से कुछ युवक उतरते हैं और सीधे बसों के पास पहुंच जाते हैं।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने बसों के डीजल टैंकों के ताले तोड़े और बड़े आराम से गेलन में डीजल भरना शुरू कर दिया। पूरी वारदात लगभग आधे घंटे तक चलती रही। इसके बाद आरोपी स्कॉर्पियो में डीजल से भरे गेलन रखकर छुईखदान की दिशा में फरार हो गए। सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरों से साफ है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें पकड़े जाने का कोई डर नहीं था।
कैमरे लगे, फिर भी नहीं रुकी चोरी
हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड परिसर में प्रशासन द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद चोरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। घटना ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कैमरों की नियमित निगरानी और रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी होती तो इतनी बड़ी चोरी को रोका जा सकता था।
डीजल संकट के बीच बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रशासन लगातार पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। दूसरी ओर खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है और किसानों को खेतों की तैयारी तथा कृषि कार्यों के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे समय में 300 लीटर डीजल की चोरी को सामान्य घटना नहीं माना जा रहा है।
बस संचालकों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद बस चालकों और मालिकों में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है कि बस स्टैंड में सुरक्षा व्यवस्था नाममात्र की है। रात के समय न तो पर्याप्त पुलिस गश्त होती है और न ही असामाजिक तत्वों पर कोई प्रभावी निगरानी रखी जाती है।
कई चालकों ने बताया कि सुबह बसों में अक्सर शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजल ग्लास और अन्य सामान पड़े मिलते हैं, जिससे स्पष्ट है कि रात के समय कुछ लोग बसों के भीतर बैठकर नशाखोरी करते हैं। अब डीजल चोरी की इस बड़ी घटना ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
थाने में शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद बस चेकरों और संचालकों ने खैरागढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फुटेज में दिखाई दे रहे सफेद स्कॉर्पियो वाहन तथा उसमें सवार युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस गश्त और रोशनी बढ़ाने की मांग
बस संचालकों ने प्रशासन से बस स्टैंड परिसर में नियमित रात्रिकालीन पुलिस गश्त बढ़ाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा चोरी में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।
डीजल संकट के दौर में हुई यह वारदात खैरागढ़ शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि सीसीटीवी में कैद हुए आरोपियों तक पुलिस कब पहुंचती है और चोरी हुए डीजल का खुलासा कब तक हो पाता है।


