खैरागढ़. वनमंडल खैरागढ़ के अंतर्गत अवैध शिकार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सुअर के शिकार के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा खेत में विद्युत कनेक्शन लगाकर वन्यजीव का शिकार किए जाने का खुलासा हुआ है। मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में उपजेल सलोनी भेज दिया गया है।
वनमंडलाधिकारी खैरागढ़ पंकज राजपूत के निर्देशानुसार अवैध शिकार रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान वन विभाग को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर 31 मई 2026 को तलाशी वारंट लेकर वन परिक्षेत्र छुईखदान की टीम ने ग्राम खुड़मुड़ी में कार्रवाई की।
वन विभाग की टीम ने पेखन वर्मा (38 वर्ष), पिता कुंभलाल वर्मा, बृजलाल कंवर (39 वर्ष), पिता रामदयाल कंवर, सेवनदास (24 वर्ष), पिता गोपालदास तथा मेन कुमार वर्मा (31 वर्ष), पिता शिवकुमार वर्मा, सभी निवासी ग्राम खुड़मुड़ी के घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान सभी आरोपियों के घरों में अज्ञात मांस पकाया जा रहा था।
वन अमले द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर आरोपियों ने स्वीकार किया कि पकाया जा रहा मांस वन्यप्राणी जंगली सुअर का था। आरोपियों ने बताया कि जंगली सुअर का शिकार पेखन वर्मा के निजी खेत में विद्युत कनेक्शन लगाकर किया गया था। वन विभाग के अनुसार वन्यजीवों के शिकार के लिए बिजली का उपयोग अत्यंत खतरनाक और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से जंगली सुअर का मांस तथा शिकार में प्रयुक्त सामग्री जब्त की। जब्त सामग्री में एक बासुला, दो कुल्हाड़ी, एक हंसिया तथा तीन कड़ाही शामिल हैं।
मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20289/11 दिनांक 31 मई 2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, धारा 39(3), धारा 49(ख), धारा 52 तथा सहपठित धारा 51(1) के तहत कार्रवाई की गई।
वन विभाग ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय खैरागढ़ के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में उपजेल सलोनी भेजने के आदेश दिए गए।
वनमंडल खैरागढ़ के अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में वन परिक्षेत्र छुईखदान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

