खैरागढ़. अखिल भारतीय कायस्थ महासभा "महिला प्रकोष्ठ" (जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई) द्वारा स्थानीय सांस्कृतिक भवन में भव्य चित्रगुप्त पूजन एवं होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। 8 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में संयोगवश अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली के उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला।
आराध्य देव की आराधना और परंपरा का निर्वहन
कायस्थ परंपरा के अनुसार, होली के दूसरे दिन समाज के आराध्य देव भगवान श्री चित्रगुप्त जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस अवसर पर समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से कलम-दवात के देवता की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के पश्चात आयोजित होली मिलन समारोह में कायस्थ जनों ने गुलाल के साथ-साथ फूलों की होली खेलकर भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।
'अस्मिता' के रूप में महिला शक्ति का सम्मान
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को "अस्मिता" नाम दिया गया। इस दौरान समाज की महिलाओं को उनके विशिष्ट योगदान और समाज निर्माण में उनकी भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। महिला प्रकोष्ठ की पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि कायस्थ समाज हमेशा से ही शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का पक्षधर रहा है।
आयोजन में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष दीप्ति श्रीवास्तव, सचिव अमिता श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष नुपुर श्रीवास्तव और उपाध्यक्ष शीतल श्रीवास्तव ने किया।
महिला वर्ग: डॉ. रश्मि खरे, शशिबाला श्रीवास्तव, अनिता श्रीवास्तव, सुनीता बख्शी, जयती विश्वास, संध्या श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, वंदना बख्शी, अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, साधना श्रीवास्तव, रूचि बख्शी, युक्ति माया बख्शी, पूनम श्रीवास्तव, शिखा श्रीवास्तव, सुरभि खरे, वैशाली खरे, आकांक्षा श्रीवास्तव, अमिषा श्रीवास्तव, सोनिया श्रीवास्तव, अंजली बख्शी व निष्ठा श्रीवास्तव।
पुरुष वर्ग: श्री शिव कुमार श्रीवास्तव, लखन लाल श्रीवास्तव, कमलेश बख्शी, अमिताभ बख्शी, अजय श्रीवास्तव, कौशल श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, नितेश बख्शी, शरद श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, रविराज श्रीवास्तव, सुयश खरे, गौरव बख्शी, गिरीश बख्शी, विप्लव श्रीवास्तव, नयन बख्शी, दीप्तक श्रीवास्तव, दीक्षक श्रीवास्तव, अक्षांश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे।

