खैरागढ़. संगीत नगरी खैरागढ़ में भगवान श्री महाकाल की छठवीं भव्य पालकी यात्रा का आयोजन 19 अगस्त, बुधवार को किया जाएगा। श्री राम गौ सेवा समिति खैरागढ़ के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक यात्रा में बाबा श्री महाकाल, श्री चन्द्रमौलेश्वर जी अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण के लिए पधारेंगे। यात्रा को लेकर शिवभक्तों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों के अनुसार पालकी यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
धार्मिक मान्यता है कि साल के इन विशेष महीनों में भगवान शिव स्वयं अपने भक्तों के बीच नगर भ्रमण के लिए आते हैं और अपनी प्रजा का हाल जानते हैं। इसी आस्था और परंपरा को जीवंत करते हुए खैरागढ़ में बाबा श्री महाकाल की पालकी यात्रा निकाली जाती है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव के अपने भक्तों के बीच आगमन का अवसर मानते हुए पूरे उत्साह और भक्ति भाव से यात्रा में शामिल होते हैं।
भगवान शिव ने अपने मस्तक पर चंद्रमा को धारण किया है, इसलिए उनके इस स्वरूप को ‘चन्द्रमौलेश्वर’ कहा जाता है। पालकी यात्रा में भगवान महाकाल के इसी चन्द्रमौलेश्वर स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे पालकी में विराजमान बाबा चन्द्रमौलेश्वर के दर्शन कर भक्त स्वयं को धन्य मानेंगे। पालकी में विराजमान भगवान के दर्शन और नगर भ्रमण का यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था और आकर्षण का केंद्र रहेगा।
यात्रा का शुभारंभ दोपहर 1 बजे श्री राम गौ सेवा केंद्र, किल्लापारा से होगा। यहां से पालकी यात्रा मेन रोड होते हुए जय स्तंभ चौक पहुंचेगी। इसके बाद बख्शी मार्ग, इतवारी बाजार और बरेठपारा होते हुए दंतेश्वरी माता मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान महाकाल की महाआरती की जाएगी। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरण के साथ यात्रा का समापन होगा।
हरिहर मिलन और शिव शक्ति मिलन रहेगा विशेष आकर्षण
पालकी यात्रा के दौरान गोलबाजार स्थित बांके बिहारी मंदिर में हरिहर मिलन तथा इतवारी बाजार स्थित शीतला मंदिर में शिव शक्ति मिलन का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़े इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान महाकाल की आरती, पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत किया जाएगा। भजन-कीर्तन, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भगवान शिव के जयघोष से पूरा मार्ग शिवमय वातावरण में सराबोर रहेगा।
उज्जैन की तर्ज पर बनी खैरागढ़ की पहचान
आयोजकों ने बताया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर निकाली जाने वाली यह पालकी यात्रा अब खैरागढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। लगातार छठवें वर्ष आयोजित हो रही इस यात्रा को लेकर समिति द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
श्री राम गौ सेवा समिति ने सभी शिवभक्तों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर बाबा श्री महाकाल की पालकी यात्रा में सहभागी बनने तथा आयोजन को भव्य एवं सफल बनाने की अपील की है।
इस आयोजन में श्री महाकाल मंदिर सिंघोला और महाकाल सेना राजनांदगांव का विशेष सहयोग रहेगा।


