खैरागढ़. नगर के ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र वीर हनुमान मंदिर, तुरकारीपारा में इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव का पर्व अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। वीर हनुमान सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे शहर को रामभक्ति के उल्लास से सराबोर कर दिया। सुबह की मंगल आरती से लेकर देर रात तक चले आध्यात्मिक कार्यक्रमों तक, खैरागढ़ की गलियों में केवल 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयघोष गूंजते रहे।
भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, हजारों ने ग्रहण किया प्रसाद
उत्सव का शुभारंभ तड़के मंदिर में विशेष अभिषेक और श्रृंगार के साथ हुआ। हनुमान जी के दर्शन के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
हवन-पूजन: सुबह 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य हवन संपन्न हुआ, जिसमें विश्व कल्याण की कामना की गई।
विशाल भंडारा: दोपहर 1 बजे से महाप्रसाद (भंडारा) का वितरण शुरू हुआ। समिति के सदस्यों ने बताया कि देर शाम तक हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया।
आकर्षण का केंद्र रही भव्य शोभायात्रा

शाम 6 बजे जैसे ही सूर्य की लालिमा बिखरी, तुरकारीपारा से एक भव्य शोभायात्रा का आगाज़ हुआ। इस यात्रा ने पूरे नगर का भ्रमण किया और इसकी भव्यता देखते ही बन रही थी।


अखाड़ा और शौर्य प्रदर्शन: शोभायात्रा में स्थानीय अखाड़ा दलों ने हैरतअंगेज पारंपरिक शस्त्र कौशल का प्रदर्शन किया, जो दर्शकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
दिग्गजों की सहभागिता: शोभायात्रा में नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधि और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने न केवल भगवान का आशीर्वाद लिया, बल्कि पूरे मार्ग में उत्साहवर्धन भी किया।

धुमाल और झांकी: ढोल-धुमाल की थाप पर थिरकते युवाओं और भगवान हनुमान की नयनाभिराम जीवंत झांकी ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।

नगर भ्रमण: शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी, जहाँ जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। डीजे की धुनों और भक्ति गीतों पर हनुमान भक्त जमकर थिरके।
पुलिस प्रशासन का सराहनीय सहयोग
आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका बेहद सराहनीय रही। शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में पुलिस बल ने विशेष सहयोग दिया। जगह-जगह तैनात जवानों और अधिकारियों की मुस्तैदी के कारण ही इतना बड़ा आयोजन बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ।
महाआरती और संगीतमय चालीसा से हुआ समापन
शोभायात्रा के पुनः वीर हनुमान मंदिर पहुंचने पर रात्रि में वातावरण और भी दिव्य हो गया। यहाँ महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों दीयों की रोशनी से मंदिर परिसर जगमगा उठा। इसके पश्चात संगीतमय हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया, जिसकी स्वर लहरियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वीर हनुमान सेवा समिति ने इस सफल आयोजन के लिए नगरवासियों और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। समिति के सदस्यों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि नगर की एकता और अखंडता का प्रतीक है।


