खैरागढ़. जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस द्वारा व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। यातायात पुलिस की टीम लगातार चौक-चौराहों और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में तैनात रहकर वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक कर रही है। अभियान के दौरान लोगों को सीटबेल्ट लगाने, हेलमेट पहनने, शराब पीकर वाहन न चलाने और सभी जरूरी दस्तावेज अद्यतन रखने की समझाइश दी जा रही है।

यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाते हुए पुलिस ने अप्रैल माह में अब तक कुल 622 प्रकरण दर्ज किए हैं। इनमें बिना हेलमेट 140, तीन सवारी 93, बिना नंबर प्लेट 87, बिना सीटबेल्ट 79, प्रेशर हॉर्न 45, शराब पीकर वाहन चलाने के 27 और मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने के 5 मामले शामिल हैं, जबकि अन्य धाराओं में 117 चालान काटे गए हैं।

शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए चालकों के खिलाफ विशेष कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय खैरागढ़ में प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन विभाग को भी प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग दें।
हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है। जहां दुपहिया और छोटे चारपहिया वाहनों पर लगातार चालानी कार्रवाई हो रही है, वहीं शहर में भारी वाहनों—खासकर ओवरलोड हाइवा और ट्रकों—की आवाजाही पर अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आ रही।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई भारी वाहन बिना वैध फिटनेस और बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा, ये वाहन शहर के भीतर निर्धारित स्पीड लिमिट का भी उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
नागरिकों का कहना है कि यदि यातायात विभाग भारी वाहनों पर भी समान रूप से सख्ती बरते, तो सड़क सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकती है। फिलहाल, आमजन की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस दिशा में कब ठोस कदम उठाता है।


