खैरागढ़. इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ एवं कर्मचारी कल्याण संघ द्वारा जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के आगे आखिरकार विश्वविद्यालय प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। तीन दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने के साथ ही हड़ताल समाप्त कर दी गई है। कर्मचारी संघ ने घोषणा की है कि वे अब कल से अपने नियमित कार्य पर लौटेंगे।

गौरतलब है कि हड़ताल के दूसरे ही दिन छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलसचिव डॉ. सौमित्र तिवारी को पद से हटा दिया था। इस निर्णय को कर्मचारियों के आंदोलन की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा गया। इसके बाद हड़ताल के तीसरे दिन नवपदस्थ प्रभारी कुलसचिव डॉ. वेंकट रमन गुड़े स्वयं हड़ताल स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों से सीधा संवाद किया।
प्रभारी कुलसचिव डॉ. गुड़े ने गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष को एक विस्तृत पत्र सौंपते हुए कर्मचारियों की शेष 12 सूत्रीय मांगों पर नियमानुसार कार्यवाही का लिखित आश्वासन दिया।


पत्र में सहायक कुलसचिव राजेश गुप्ता पर लगाए गए मानसिक उत्पीड़न, दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और भय का वातावरण बनाने जैसे आरोपों पर आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। साथ ही, कर्मचारियों पर अनुचित कार्यभार थोपने और नियमविरुद्ध जिम्मेदारियां देने के मामलों में भी यथायोग्य कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय में प्रवेश से लेकर परीक्षा परिणाम तक सभी कार्यों के लिए सॉफ्टवेयर प्रणाली शीघ्र विकसित कर लागू की जाएगी। गलत वरिष्ठता सूची जारी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, स्वीकृत पदों के रोस्टर बिंदुओं की प्रति उपलब्ध कराने और एकल पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए पदोन्नति चैनल को लेकर शासन से पत्राचार किए जाने की जानकारी भी दी गई।
हड़ताल के दौरान सबसे बड़ी राहत कर्मचारियों को तब मिली जब गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ के लिए कक्ष/भवन उपलब्ध कराने की मांग को प्रशासन ने तत्काल स्वीकार करते हुए आदेश प्रसारित कर दिया। इसके अलावा विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन सुविधा देने की मांग पर भी छत्तीसगढ़ शासन को आदेश जारी किए जाने की पुष्टि की गई। 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ तथा सेवानिवृत्त व दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को लाभ देने की प्रक्रिया पर भी नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।
प्रशासन के इस विस्तृत पत्राचार और ठोस कदमों के बाद गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ एवं कर्मचारी कल्याण संघ ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। गैर शिक्षक कर्मचारी संघ अध्यक्ष प्रखर शरण सिंह ने कहा कि यह आंदोलन उनके अधिकारों और सम्मान के लिए था और अब लिखित आश्वासन मिलने के बाद वे विश्वविद्यालय हित में पुनः कार्य पर लौट रहे हैं।




