खैरागढ़. खैरागढ़ में आयोजित चार दिवसीय 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता-2026 का समापन गुरुवार को इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में गरिमामय समारोह के साथ हुआ। प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों के 330 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बस्तर संभाग ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता में खैरागढ़ जिले को अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग की बालक-बालिका खो-खो तथा अंडर-14 बालिका फुटबॉल स्पर्धाओं की मेजबानी का अवसर मिला।

रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग से पहुंचे खिलाड़ियों ने खेल कौशल, अनुशासन, उत्साह और टीम भावना का परिचय दिया। प्रतियोगिता में 120 बालक और 210 बालिकाओं सहित कुल 330 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनके अलावा 50 कोच एवं मैनेजर तथा 40 ऑफिशियल भी आयोजन से जुड़े रहे।
संस्कृत में राज्यगीत की प्रस्तुति ने मोहा मन
समापन समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना और राष्ट्रगीत के साथ हुआ। कु. हिमांशी यादव ने संस्कृत भाषा में छत्तीसगढ़ राज्य गीत की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम रहे, जबकि अध्यक्षता कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने की।

विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी घम्मन साहू, नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर, पार्षद प्रतिनिधि विकेश गुप्ता, पार्षद उपेंद्र रजक और गोरेलाल वर्मा सहित पांचों संभागों के जनरल मैनेजर उपस्थित रहे।
खेलों से विकसित होता है अनुशासन और आत्मविश्वास
मुख्य अतिथि सुधीर गौतम ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों से अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण विकसित होता है। निरंतर अभ्यास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से खिलाड़ी सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिला शिक्षा अधिकारी उपेंद्र कुमार देवांगन ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेलों में धैर्य, अनुशासन, नियमित अभ्यास और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का विशेष महत्व है।
दिवंगत संग्राम सिंह और अमरजीत सिंह की स्मृति में सम्मान
समारोह के दौरान स्वर्गीय संग्राम सिंह की स्मृति में अभिलेख सिंह ने पांचों संभागों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। वहीं, स्वर्गीय अमरजीत सिंह की स्मृति में अर्पित सिंह ने प्रतियोगिता के सफल संचालन में योगदान देने वाले सभी आवास एवं वाहन प्रभारियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
खो-खो और फुटबॉल के परिणाम घोषित
प्रतियोगिता की विभिन्न स्पर्धाओं में संभागवार खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। परिणाम इस प्रकार रहे—
खो-खो अंडर-14 बालक वर्ग: बस्तर प्रथम, दुर्ग द्वितीय और रायपुर तृतीय।
खो-खो अंडर-14 बालिका वर्ग: बिलासपुर प्रथम, बस्तर द्वितीय और रायपुर तृतीय।
खो-खो अंडर-19 बालक वर्ग: बस्तर प्रथम, दुर्ग द्वितीय और रायपुर तृतीय।
खो-खो अंडर-19 बालिका वर्ग: बिलासपुर प्रथम, दुर्ग द्वितीय और बस्तर तृतीय।
फुटबॉल अंडर-14 बालिका वर्ग: बस्तर प्रथम, रायपुर द्वितीय और दुर्ग तृतीय।
इन स्पर्धाओं में मिले परिणामों के आधार पर बस्तर संभाग को प्रतियोगिता का ओवरऑल चैंपियन घोषित किया गया।
आयोजन की सफलता में अधिकारियों और कर्मचारियों का योगदान
चार दिवसीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन में पूर्व जिला क्रीड़ा अधिकारी कन्हैयालाल पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी प्रिंकेश कश्यप, ताजु खान गौरी, अभिलेख सिंह, सितांशु गुप्ता, जनक लाल साहू, राजेन्द्र साहू, रविन्द्र चावड़ा, लेखराम वर्मा, मोरेश्वर वर्मा, विशाल ठाकुर, कुशाल सिंह धुर्वे, संजू कंवर, कमल नारायण सेन, रूपेंद्र साहू, दीपक कौशिक, पुरुषोत्तम जंघेल, ज्ञानेश्वर यादव, चंद्रशेखर गुनी, दीपक नेवार और आशीष पटेल सहित अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समापन समारोह में खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया। प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ अनुशासन, एकता, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश दिया। खैरागढ़ में आयोजित यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के लिए यादगार रही।


