खैरागढ़. बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर जिले में बुधवार सुबह से ही दिखाई देने लगा है। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और जिले के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज हवाओं के चलते मौसम में आए बदलाव ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं धान की फसल पककर तैयार होने के समय किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। दूसरी ओर, संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। तूफान के मद्देनजर जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में एक दिन का अवकाश भी घोषित किया गया है।

धान की तैयार फसल पर नुकसान की आशंका

जिले में इस समय धान की फसल कटाई के लिए तैयार हो चुकी है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसल के गिरने, धान की गुणवत्ता प्रभावित होने तथा कटाई के काम में देरी होने की आशंका किसानों को परेशान कर रही है। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहता है, तो इसका असर तैयार फसल पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों की निगाहें मौसम के अगले रुख पर टिकी हुई हैं।
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने प्रशासन अलर्ट
चक्रवाती तूफान की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सभी प्रकार की आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा आपातकालीन कक्ष स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे संचालित रहेगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति में नागरिक दूरभाष नंबर 07820-299631 पर संपर्क कर संबंधित जानकारी दे सकते हैं।
फसल नुकसान की सूचना के लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन
संभावित बारिश और खराब मौसम के बीच किसानों से फसल नुकसान की स्थिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देने की अपील की गई है। इसके लिए कृषि रक्षक हेल्पलाइन का टोल फ्री नंबर 14447 जारी किया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि फसल को नुकसान होने की स्थिति में समय रहते सूचना दें, ताकि फसल बीमा से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा सके।
स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। फिलहाल जिले में बादल, बारिश और तेज हवाओं के बीच प्रशासन की निगाहें मौसम के हालात पर बनी हुई हैं। वहीं, तैयार धान की फसल को संभावित नुकसान से बचाने को लेकर किसान चिंतित हैं।


