रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ‘आरटीओ ई-चालान’ के नाम पर एक युवक से लाखों रुपये ठग लिए गए। घटना टिकरापारा थाना क्षेत्र की है, जहां ठगों ने तकनीक का सहारा लेकर बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक के मोबाइल पर एक संदिग्ध लिंक/फाइल भेजी गई, जिसे आरटीओ द्वारा जारी ई-चालान बताया गया। ठग ने युवक को विश्वास दिलाया कि उसके वाहन का चालान कट चुका है और उसे तत्काल भुगतान करना होगा। इसके लिए एक APK फाइल भेजी गई, जिसे डाउनलोड करने के लिए कहा गया।

जैसे ही युवक ने फाइल डाउनलोड कर अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया, उसके बैंक खाते से धीरे-धीरे कुल 7 लाख 42 हजार 209 रुपये गायब हो गए। ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने तत्काल टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मोबाइल ऐप, बैंक ट्रांजेक्शन तथा ठगों के डिजिटल ट्रेल की पड़ताल की जा रही है।
📌 कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
ठग ने खुद को आरटीओ अधिकारी या एजेंट बताकर संपर्क किया
“ई-चालान” के नाम पर APK फाइल भेजी
फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया
बैंकिंग ऐप और OTP की जानकारी चोरी कर खाते से रकम उड़ा ली
🚨 पुलिस की अपील: ऐसे रहें सतर्क
साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के झांसे में न आएं और निम्न सावधानियां बरतें—
किसी अनजान नंबर से आई APK फाइल डाउनलोड न करें
ई-चालान केवल आधिकारिक वेबसाइट या SMS लिंक से ही चेक करें
किसी को भी OTP, बैंक डिटेल या मोबाइल एक्सेस न दें
संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें
📊 तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध
विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में “ई-चालान”, “केवाईसी अपडेट” और “बैंक वेरिफिकेशन” के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। ठग नए-नए तरीकों से लोगों को भ्रमित कर उनकी मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं।
🧾 निष्कर्ष
रायपुर की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। एक छोटी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान में बदल सकती है। पुलिस की जांच जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंच बनाई जाएगी।


