नई दिल्ली/रायपुर. छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की बहुप्रतीक्षित डोंगरगढ़–कटघोरा नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के लिए भी दो नई रेल लाइन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जिससे राज्य के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय भी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा की गई।
डोंगरगढ़–कटघोरा रेल लाइन लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रही है। इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के पीछे सांसद संतोष पाण्डेय के लगातार प्रयासों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने इस रेल लाइन की आवश्यकता को लोकसभा में कई बार प्रभावी ढंग से उठाया, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।
प्रस्तावित रेल लाइन से राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली और कोरबा सहित पूरे क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा, पर्यटन को नई गति तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
बस्तर क्षेत्र के लिए स्वीकृत दो नई रेल लाइन परियोजनाओं से राज्य के पिछड़े और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा सामाजिक और आर्थिक विकास को बल मिलेगा। इन परियोजनाओं से लोगों की वर्षों पुरानी रेल संपर्क की अपेक्षाएं भी पूरी होने की उम्मीद है।
इस ऐतिहासिक निर्णय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पाण्डेय के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इसे विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक सशक्त और दूरगामी कदम माना जा रहा है, जो प्रदेश के बुनियादी ढांचे और समग्र विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


