रायपुर. भगवान शिव एवं सनातन धर्म के आराध्य देवी-देवताओं पर सोशल मीडिया में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी और भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पाण्डेय के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने थाना सिविल लाइन के थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत में कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हंसराज गोयल नामक अकाउंट से भगवान शिव के शिवलिंग तथा अन्य आराध्य देवी-देवताओं के संबंध में कथित रूप से अत्यंत आपत्तिजनक और अशोभनीय पोस्ट साझा की गई। शिकायत के अनुसार, उक्त पोस्ट पर अरुण पन्नालाल नामक व्यक्ति द्वारा भी भगवान शिव के संबंध में कथित रूप से अभद्र एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी की गई।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि इस प्रकार की पोस्ट और टिप्पणियां करोड़ों हिंदुओं एवं सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली हैं। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री समाज में विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य और घृणा फैलाने का प्रयास है, जिससे प्रदेश की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है।
प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी और विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पाण्डेय ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए दोनों आरोपितों के विरुद्ध बीएनएस की प्रासंगिक धाराओं एवं आईटी एक्ट के तहत तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा उनकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और सनातन धर्म का अपमान करने वाले मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर इस प्रकार की कथित आपत्तिजनक सामग्री साझा करना न केवल सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा है, बल्कि इससे आमजन की भावनाएं भी आहत होती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक, निशिकांत पाण्डेय, वात्सल्य मूर्ति, नंदकुमार सही, कुलेश्वर निर्मलकर, महेंद्र देवांगन सहित मीडिया एवं विधि प्रकोष्ठ के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


