खैरागढ़. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शनिवार 31 अक्टूबर को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। इस दौरान मातृ स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशीष शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी खैरागढ़ डॉ. विवेक बिसेन, छुईखदान डॉ. मनीष बघेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव, डॉ. पंकज वैष्णव, डॉ. प्रीति वैष्णव, डॉ. ऋतुराज, डॉ. अनम फातिमा, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम की डॉ. दुर्गेशनंदिनी श्रीवास्तव सहित समस्त कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला लेखा प्रबंधक नवीन चौहान, जिला डाटा प्रबंधक खिलेश साहू, जिला सलाहकार RMNCH+A आरती चतुर्वेदी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक खैरागढ़ आकाश तांबोली एवं छुईखदान बृजेश ताम्रकार, दोनों विकासखंडों के BAM, BDM, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी एवं जूनियर सचिवालय सहायक भी शामिल हुए।
बैठक में गर्भवती महिलाओं के ANC पंजीयन, प्रथम तिमाही में पंजीयन, चतुर्थ तिमाही से संबंधित मातृ स्वास्थ्य सेवाओं तथा संस्थागत प्रसव की स्थिति की समीक्षा की गई। निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले उपलब्धियों का आकलन करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता और कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए गए। नियमित टीकाकरण के साथ जननी, HMIS एवं U-WIN पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। अधिकारियों को आंकड़ों की शुद्धता और निर्धारित समय-सीमा में रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनके कारणों का विश्लेषण, सुधारात्मक कदम उठाने तथा सामुदायिक और संस्थागत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही CDR एवं MDR की रिपोर्टिंग समय-सीमा में अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत NPNCD, आयुष्मान भारत कार्ड, वय वंदना कार्ड, RBSK, PMNDP, NLEP, NTEP, NPCBVI, IDSP, NVBDCP, NOHP एवं NVHCP की प्रगति और रिपोर्टिंग की समीक्षा की गई। इसमें गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड निर्माण, बाल स्वास्थ्य सेवाओं, डायलिसिस, कुष्ठ एवं क्षय उन्मूलन, अंधत्व नियंत्रण, रोग निगरानी, वेक्टर जनित रोगों, मौखिक स्वास्थ्य और वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम शामिल रहे।
CMHO एवं सिविल सर्जन ने सभी अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग करने, पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियां समय पर पूर्ण करने, रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने तथा पात्र हितग्राहियों तक शासकीय स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों की पहचान कर आवश्यक सुधार करना और जिले के आम नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।


