खैरागढ़. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मामले के विरोध में बुधवार को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती रिंकू महोबिया की अगुवाई में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मनुस्मृति का दहन किया। महिला कांग्रेस ने इस घटना को बहुजन समाज के स्वाभिमान और सम्मान का अपमान बताते हुए इसे सामाजिक समानता और संविधान की मूल भावना के खिलाफ करार दिया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि खरगे के भाषण के बाद भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा मंच का तथाकथित शुद्धिकरण किया गया। महिला कांग्रेस ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति की सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर इस तरह का व्यवहार न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों पर भी सवाल खड़ा करता है।
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक और सवाल उठाया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस शर्मनाक घटना के विरोध में आवाज उठाने वाले कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई, जबकि कथित तौर पर मंच के ‘शुद्धिकरण’ में शामिल दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस ने इसे कार्रवाई में असमानता बताते हुए संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई की मांग की।

अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लाम्बा और प्रदेश अध्यक्ष महिला कांग्रेस संगीता सिन्हा के निर्देशानुसार यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष आरती रिंकू महोबिया तथा ब्लॉक अध्यक्ष कविता जंघेल के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस ने संविधान के सम्मान, सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और असमानता के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
महिला कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान द्वारा दिए गए समानता और सम्मान के अधिकारों की रक्षा के लिए वे आगे भी आवाज उठाती रहेंगी। उन्होंने कहा कि संविधान के सम्मान, सामाजिक न्याय और समानता की यह लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।


