खैरागढ़. धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम ग्राम रूसे में देखने को मिला। मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापना के पावन अवसर पर आदर्श नवयुवक लक्ष्मी उत्सव समिति, रूसे बांध के तत्वावधान में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन में आसपास के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए। देर रात तक चले कार्यक्रम में पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। वहीं, लोकप्रिय पटपर झांकी की आकर्षक प्रस्तुति आयोजन का मुख्य आकर्षण रही, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि एवं जिला मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स भागवत शरण सिंह शामिल हुए। वहीं, जिला कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के संयोजक प्रखर शरण सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अतिथियों ने मां लक्ष्मी के दर्शन एवं पूजन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
परंपराओं को जीवित रखते हैं धार्मिक आयोजन : भागवत शरण सिंह
मुख्य अतिथि भागवत शरण सिंह ने कहा कि गांवों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। ये आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का भी काम करते हैं। गांव की असली ताकत उसकी एकजुटता, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक विरासत में होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान करते हुए रूसे के युवाओं के समर्पण और आयोजन के प्रति उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूती देने के साथ गांव में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रखर शरण सिंह ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी गांव की सामूहिक चेतना और जीवंतता का परिचायक है। आधुनिकता के इस दौर में ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का सामूहिक सहयोग और युवाओं का समर्पण ही किसी भी आयोजन को भव्यता प्रदान करता है। उन्होंने आयोजन की सफलता पर समिति के सदस्यों एवं ग्रामवासियों को बधाई दी।
युवा समिति ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यक्रम का आयोजन आदर्श नवयुवक लक्ष्मी उत्सव समिति, रूसे बांध के अध्यक्ष कमल पाल के नेतृत्व में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सतानंद यादव, नरेंद्र पाल, जितेंद्र साहू, पुरुषोत्तम पाल, चिसामन साहू, विक्रम पाल, अयोध्या पाल, ललित भारती, ललित यादव, जितेंद्र यादव, दामेश पाल, विक्की पाल, खिलेश्वर, पोषण यादव, ऋतिक पाल, योगेश यादव, उमेश निषाद, अर्जुन निषाद, तामेश्वर साहू, उतेश साहू, मिनेश निषाद, कोमल साहू एवं दुर्गेश मंडावी ने सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर ग्राम के हेमंत साहू, पुरानिक पाल, फिरतु निषाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालु उपस्थित रहे। मां लक्ष्मी की आराधना, पटपर झांकी की प्रस्तुति और ग्रामीणों के सामूहिक उत्साह ने आयोजन को यादगार बना दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम ने गांव में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।




