खैरागढ़. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। जनपद पंचायत खैरागढ़ क्षेत्र में वर्ष 2016 से 2025 के बीच स्वीकृत ऐसे 1008 आवास चिन्हित किए गए हैं, जिनका निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है अथवा लंबे समय से अपूर्ण पड़ा हुआ है। शासन के निर्देशों के अनुरूप इन मामलों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं एसडीएम न्यायालय द्वारा संबंधित हितग्राहियों को समन जारी कर सुनवाई के लिए तलब किया जा रहा है।

इसी क्रम में बुधवार को ग्राम पंचायत देवरी, महरूमकला और कुकुरमुड़ा के कुल 35 डिफाल्टर हितग्राहियों को न्यायालयीन समन की तामीली के बाद एसडीएम श्री टंकेश्वर प्रसाद साहू के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान सभी हितग्राहियों को आवास निर्माण कार्य पूरा करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए आगामी 15 दिनों के भीतर निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। न्यायालय ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली निर्धारित पेशी में अनुपस्थित रहने वाले हितग्राहियों को पुलिस के माध्यम से न्यायालय में उपस्थित कराया जाएगा।

सुनवाई के दौरान ग्राम कुकुरमुड़ा निवासी हितग्राही सुशील कुमार साहू का मामला विशेष रूप से सामने आया। प्रथम किश्त की राशि प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए एसडीएम न्यायालय ने उनका स्वीकृत आवास तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। साथ ही उन्हें प्राप्त शासकीय राशि 15 दिनों के भीतर वापस जमा करने के आदेश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर उनके विरुद्ध राजस्व वसूली सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालय में उपस्थित अन्य हितग्राहियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित प्रतिज्ञा पत्र और सहमति पत्र प्रस्तुत किए तथा शीघ्र आवास निर्माण पूर्ण करने का आश्वासन दिया। एसडीएम श्री टंकेश्वर प्रसाद साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बैंक खाते में राशि प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ करना तथा अधिकतम छह माह के भीतर आवास निर्माण पूर्ण करना अनिवार्य है।
उन्होंने जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि लगातार लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों को कम से कम तीन नोटिस जारी किए जाएं। इसके बाद भी यदि निर्माण कार्य में प्रगति नहीं होती है तो संबंधित प्रकरण आवास निरस्तीकरण और शासकीय राशि की वसूली की कार्रवाई हेतु एसडीएम कार्यालय को भेजे जाएं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक योजना का वास्तविक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपूर्ण और लंबित आवासों को जल्द पूर्ण कराने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


