खैरागढ़. जिला मुख्यालय खैरागढ़ में बुधवार को जिला स्तरीय कोटवार संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में कोटवार शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके आगमन पर संघ के पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया और बैठक का शुभारंभ किया गया।
बैठक में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विभिन्न ग्रामों से पहुंचे कोटवारों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने संगठन की एकजुटता और आपसी भाईचारे को प्रदर्शित किया। इस अवसर पर विक्रांत सिंह ने कोटवारों की भूमिका को ग्रामीण प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि वे शासन और ग्रामीणों के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गांवों तक प्रशासनिक सूचनाएं पहुंचाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कोटवारों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में कोटवारों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और शासन को उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के प्रति गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। विक्रांत सिंह ने संगठन की एकता की सराहना करते हुए कहा कि संगठित प्रयासों से किसी भी समस्या का समाधान अधिक प्रभावी तरीके से संभव हो पाता है।
बैठक के दौरान जिला कोटवार संघ के अध्यक्ष बीरेश मेश्राम के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक मांगपत्र भी सौंपा। मांगपत्र में कोटवारों की नियुक्ति के समय उनके परिवार के सदस्यों को प्राथमिकता देने, खैरागढ़ स्थित अस्थायी बैठक भवन में विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रांतीय कोटवार संघ की बैठक खैरागढ़ में आयोजित कराने जैसी प्रमुख मांगें शामिल रहीं।
मांगपत्र प्राप्त करने के बाद विक्रांत सिंह ने आश्वासन दिया कि कोटवारों की सभी जायज मांगों को शासन और प्रशासन तक गंभीरता के साथ पहुंचाया जाएगा तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोटवार समाज की समस्याओं के निराकरण के लिए वे सदैव साथ खड़े रहेंगे।
बैठक में भैया लाल चंदेल, नारायण उइके, कृष्णा मानिकपुरी, संजय मेश्राम, किसुन रामटेके, जागेशर मानिकपुरी सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में कोटवार और संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


