खैरागढ़/छुईखदान. सुशासन तिहार-2026 के तहत छुईखदान विकासखंड के ग्राम गोपालपुर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब जिला पंचायत सभापति ललित चोपड़ा ने सार्वजनिक मंच से विद्युत विभाग छुईखदान के कनिष्ठ अभियंता (जेई) चेतन सियारे पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी ग्रामीणों से वसूली करने के साथ-साथ आम नागरिकों के साथ उचित व्यवहार नहीं करता, जिससे क्षेत्र में व्यापक नाराजगी है।
विशेष बात यह रही कि यह आरोप ऐसे मंच से लगाए गए, जहां जिले के प्रभारी मंत्री लखन लाल देवांगन, कलेक्टर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सभापति ने मंच से ही प्रभारी मंत्री का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल जिले से बाहर भेजने की मांग की।
अपने संबोधन में ललित चोपड़ा ने कहा कि जनता लगातार विद्युत विभाग की कार्यशैली को लेकर शिकायतें कर रही है। ग्रामीणों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है और विभागीय कार्यों के नाम पर वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा तो शासन की मंशा पर भी प्रश्नचिह्न खड़े होंगे।
घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी बहस छेड़ दी है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा है कि जब एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक मंच से मंत्री के समक्ष किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करनी पड़ रही है, तो यह स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक समन्वय और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विद्युत विभाग या संबंधित अधिकारी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन और प्रशासन इस मामले को किस प्रकार लेता है तथा लगाए गए आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना था, लेकिन मंच से उठे इन आरोपों ने कार्यक्रम को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

