रायपुर. प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच सरकारी कर्मचारियों, खासकर शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मई-जून की छुट्टियों के दौरान लगभग 70 हजार शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने आगामी तीन महीनों तक कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाने का आदेश भी जारी कर दिया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, रायपुर समेत पूरे प्रदेश में शिक्षक अब गर्मी की छुट्टियों के दौरान घर-घर जाकर जनगणना का डेटा एकत्र करेंगे। यह कार्य ऐसे समय में कराया जाएगा जब प्रदेश में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचने की आशंका है।
छुट्टियों पर सख्ती, बिना अनुमति अवकाश पर कार्रवाई
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के छुट्टी पर नहीं जा सकेगा। यदि कोई कर्मचारी बिना सूचना अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे सेवा में व्यवधान माना जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
यह आदेश “सुशासन तिहार” और प्रस्तावित जनगणना कार्य को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है, ताकि प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।
शिक्षकों में नाराजगी, बोले—हर जिम्मेदारी हम पर
सरकार के इस फैसले को लेकर शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। शिक्षकों का कहना है कि पहले ही उन्हें चुनाव, सर्वे, प्रशिक्षण और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगातार लगाया जाता रहा है, और अब छुट्टियों में भी जनगणना ड्यूटी सौंप दी गई है।
शिक्षकों का आरोप है कि:
शैक्षणिक कार्य के अलावा गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है
गर्मी के चरम समय में फील्ड ड्यूटी स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी हो सकती है
छुट्टियां खत्म होने से मानसिक और पारिवारिक संतुलन प्रभावित होगा
राहत की मांग तेज
शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि:
जनगणना कार्य के लिए अलग से मानव संसाधन की व्यवस्था की जाए
शिक्षकों को कम से कम आंशिक राहत दी जाए
भीषण गर्मी को देखते हुए कार्य की समय-सारणी में बदलाव किया जाए
प्रशासन का तर्क
वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण कार्य है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होती है। शिक्षकों को इस कार्य में अनुभव और जिम्मेदारी के चलते शामिल किया जाता है।
हालांकि, बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों के बीच शिक्षकों पर पड़ रहा दबाव अब एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार इस पर कोई राहत देती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।




