खैरागढ़. जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने और अव्यवस्थाओं पर सख्ती से अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग द्वारा चलाए गए सघन निरीक्षण अभियान के तहत 6 कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई स्तरों पर अनियमितताएं उजागर हुईं।

उपसंचालक कृषि के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में संचालित कृषि केंद्रों की जांच की। इस दौरान रिकॉर्ड संधारण, स्टॉक रजिस्टर, विक्रय पंजी और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। निरीक्षण में सामने आया कि कुछ केंद्रों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था और आवश्यक दस्तावेज अधूरे या अद्यतन नहीं थे।
रिकॉर्ड और लाइसेंस में गड़बड़ी उजागर

जांच के दौरान कई केंद्रों में स्टॉक का सही मिलान नहीं पाया गया, वहीं विक्रय पंजी में भी विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों ने मौके पर ही संचालकों से जवाब तलब किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड नियमानुसार अपडेट रखें तथा पारदर्शिता बनाए रखें।
कारण बताओ नोटिस, कड़ी कार्रवाई के संकेत
अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कृषि केंद्र संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
एक केंद्र पर तत्काल बिक्री प्रतिबंध
निरीक्षण के दौरान एक कृषि केंद्र में गंभीर अनियमितता सामने आने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसके स्टॉक के विक्रय पर रोक लगा दी है। संचालक को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बिक्री प्रतिबंध जारी रहेगा।
नामों का खुलासा नहीं, पारदर्शिता पर सवाल
इस पूरी कार्रवाई में गौर करने वाली बात यह रही कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसी भी कृषि केंद्र का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। इससे पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं, वहीं आम किसानों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि किन केंद्रों में अनियमितताएं पाई गईं।
किसानों के हित सर्वोपरि: विभाग
उपसंचालक कृषि ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी कृषि केंद्र संचालकों को शासन के नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि आगामी दिनों में निरीक्षण अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि जिले में कृषि सामग्री की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।


