खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि बैंक खातों को किराये पर लेकर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए जा रहे थे। एक कॉलेज छात्र के बैंक खाते से ही करीब 1.69 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन मिला, जिसने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और एनसीआरबी से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना छुईखदान पुलिस ने ऐसे बैंक खातों की जांच शुरू की, जिनमें असामान्य रूप से बड़ी संख्या में वित्तीय लेन-देन हो रहे थे। जांच के दौरान छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, छुईखदान शाखा के खाताधारक दीपक निर्मलकर के खाते में ₹1,69,32,368 के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। यह रकम देश के विभिन्न राज्यों से ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और साइबर ठगी से जुड़ी बताई गई।
पूछताछ में 20 वर्षीय कॉलेज छात्र दीपक निर्मलकर ने स्वीकार किया कि उसने पार्ट-टाइम कमाई के लालच में अपना बैंक खाता राहुल जंघेल को ₹12 हजार प्रतिमाह किराये पर दिया था। इसके बाद राहुल जंघेल ने खुलासा किया कि इन खातों का उपयोग महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र स्थित पलावा सिटी के किराये के फ्लैट से संचालित ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड नेटवर्क में किया जाता था। विभिन्न राज्यों के लोगों से धोखाधड़ी कर प्राप्त रकम इन्हीं खातों में जमा कराई जाती थी।

जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन राहुल देवांगन कर रहा था। वह गिरोह से जुड़े लोगों को लगभग ₹25 हजार प्रतिमाह वेतन देता था। पूछताछ में राहुल देवांगन ने ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी का संचालन करना स्वीकार किया। उसने बताया कि लगातार आर्थिक नुकसान होने के कारण करीब चार महीने पहले मुंबई से नेटवर्क बंद कर सभी सदस्य अपने-अपने गृह जिलों में लौट आए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का सदस्य विजय कुमार साहू वर्तमान में कबीरधाम जिले के ग्राम गगरिया खम्हरिया में रहकर अकेले ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले करीब दो वर्षों से फेयर प्ले, रेड्डी अन्ना, जयराम और शिवा बुक जैसे ऑनलाइन गेमिंग एवं सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न राज्यों में नेटवर्क संचालित कर रहे थे। अवैध धनराशि के लेन-देन के लिए कई बैंक खातों का उपयोग किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 19 एटीएम कार्ड, 5 बैंक पासबुक, 14 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है, जिनकी अनुमानित कीमत ₹5.50 लाख है। इसके अलावा आरोपियों के खातों में उपलब्ध ₹5 लाख की राशि फ्रीज कराई गई। इस प्रकार प्रकरण में कुल ₹10.50 लाख की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस ने इस मामले में दीपक निर्मलकर (नवागांव लोधी, छुईखदान), राहुल जंघेल (मैनहर, छुईखदान), राहुल देवांगन (धरसींवा, रायपुर) और विजय कुमार साहू (गगरिया खम्हरिया, कबीरधाम) को गिरफ्तार कर धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) बीएनएस तथा 66(D) आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का मानना है कि मामले की जांच अभी जारी है और बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों तथा वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण से इस अंतरराज्यीय साइबर और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।


