खबरों का प्रहरी न्यूज. सरकारी अस्पतालों में मीडिया कवरेज पर लगी रोक हटी, पत्रकारों के विरोध के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने आदेश किया रद्द
खैरागढ़/छत्तीसगढ़. राज्य के शासकीय चिकित्सालयों में मीडिया कवरेज पर लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेश के खिलाफ पूरे छत्तीसगढ़ में पत्रकारों का आक्रोश फूट पड़ा। रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के बाहर पत्रकारों ने विरोध स्वरूप धरना दिया। वहीं, प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी पत्रकार संगठनों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे तथा आदेश की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया।
मीडिया की आवाज़ को दबाने की कोशिश करार देते हुए पत्रकारों ने इस निर्णय को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कुठाराघात बताया और आदेश को तुरंत रद्द करने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्थिति का संज्ञान लिया और बयान जारी कर बताया कि शासकीय अस्पतालों में मीडिया प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री के इस फैसले के बाद पत्रकारों में राहत की लहर दौड़ गई। उन्होंने इसे जनसरोकार की जीत और पत्रकारिता की स्वतंत्रता के लिए अहम कदम बताया।
प्रदेशभर के पत्रकार संगठनों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए चेताया कि भविष्य में भी यदि पत्रकारिता पर कोई अंकुश लगाने की कोशिश हुई तो वे एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे।




