खैरागढ़/छुईखदान. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिला पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को मध्य प्रदेश के सिवनी से गिरफ्तार किया है, वहीं 'ऑपरेशन तलाश' के जरिए गुमशुदा युवती को महज एक घंटे के भीतर खोजकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
शादी का झांसा देकर किया शारीरिक शोषण, आरोपी सलाखों के पीछे
थाना छुईखदान में दर्ज अपराध क्रमांक 94/2026 के अनुसार, एक प्रार्थी ने अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेष टीम का गठन किया।

साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी में दबिश दी। पुलिस ने आरोपी कृष्णा कुमार परते (21 वर्ष), निवासी ग्राम खापा, जिला सिवनी के कब्जे से पीड़िता को सकुशल बरामद किया।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे:
पीड़िता के बयान और विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद उसे प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर अपहरण कर लिया। आरोपी द्वारा पीड़िता का लगातार शारीरिक शोषण किया जा रहा था।
लगाई गई धाराएं: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2)(ड), 65(1), 96 और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 6 जोड़ी है।
कार्रवाई: आरोपी को 12 अप्रैल 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
'ऑपरेशन तलाश': एक घंटे में लौटी घर की खुशियां
इसी कड़ी में छुईखदान पुलिस ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 'ऑपरेशन तलाश' के तहत एक और सराहनीय कार्य किया। 20 वर्षीय युवती 'भूमि' (परिवर्तित नाम) के अचानक लापता होने से परिजन बेहद परेशान होकर थाने पहुंचे थे।
पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए बिना समय गंवाए तत्काल खोजबीन शुरू की। पुलिस की सक्रियता का परिणाम रहा कि महज 1 घंटे के भीतर युवती को ढूंढ निकाला गया। जब पुलिस ने युवती को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपा, तो उनके चेहरे पर राहत और खुशी साफ देखी जा सकती थी।
पुलिस की अपील:
जिला पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि बच्चों और महिलाओं से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अपराधियों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है।




