खैरागढ़. जिले में बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। नवपदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला द्वारा अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद विभागीय अमला लगातार निरीक्षण कर रहा है। अभियान शुरू होने से नियमों की अनदेखी कर क्लिनिक और पैथोलॉजी संचालित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

इसी कड़ी में नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एक्ट के नेतृत्व में गठित जांच दल ने विकासखंड खैरागढ़ के बाजार अतरिया क्षेत्र में संचालित क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान संबंधित संस्थानों के संचालन से जुड़े वैध दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर क्लिनिक एवं पैथोलॉजी संचालन से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।

जांच के दौरान जितेंद्र वर्मा की दिशा पैथोलॉजी, हिमलेश वर्मा के श्रेया क्लिनिक सहित कुल तीन क्लिनिक एवं पैथोलॉजी संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तीन दिवस की अवधि में आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो संबंधितों के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। औचक निरीक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन निर्धारित नियमों और आवश्यक वैध दस्तावेजों के साथ ही हो। अब तीन दिन की मोहलत पूरी होने के बाद संबंधित संचालक दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं या विभाग अगली कार्रवाई करता है, इस पर नजर बनी हुई है।


