खैरागढ़. छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां एक शिक्षक की निःस्वार्थ पहल ने सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य संवार दिया। पूर्व माध्यमिक शाला गुमानपुर (मुढ़ीपार) में पदस्थ शिक्षक गुनाराम चंदेल द्वारा संचालित “लक्ष्य निःशुल्क ऑनलाइन क्लास” के माध्यम से वर्ष 2026 में 126 विद्यार्थियों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हुआ है।

यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है। सीमित संसाधनों के बावजूद चंदेल पिछले कई वर्षों से लगातार विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में इस पहल की शुरुआत की थी, जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान अगस्त 2020 में ऑनलाइन स्वरूप दिया गया। इसके बाद यह अभियान और व्यापक होता गया और अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तरप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के छात्र भी इसका लाभ उठा रहे हैं।
लगातार बढ़ती सफलता की कहानी
गुनाराम चंदेल की मेहनत और समर्पण का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके मार्गदर्शन में चयनित विद्यार्थियों की संख्या हर वर्ष लगातार बढ़ती गई। वर्ष 2013 से कोविड काल तक 17 विद्यार्थियों का चयन हुआ, वहीं 2021 में 46, 2022 में 56, 2023 में 77, 2024 में 90, 2025 में 118 और अब 2026 में 126 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। अब तक कुल 530 छात्र नवोदय विद्यालय में चयनित हो चुके हैं। इसके अलावा हर वर्ष सैनिक स्कूल, प्रयास और केंद्रीय विद्यालयों में भी छात्र चयनित हो रहे हैं।
स्वप्रेरणा से शुरू हुआ मिशन
कोविड काल में जब शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, तब चंदेल ने लगभग 80 हजार रुपये अपनी जेब से खर्च कर आवश्यक संसाधन जुटाए और ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कीं। वे प्रतिदिन अतिरिक्त समय देकर सुबह 5 से 7 बजे और शाम 6 से 8 बजे तक विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए वे पीपीटी, पीडीएफ और गूगल फॉर्म जैसे आधुनिक माध्यमों का उपयोग करते हैं।
मॉक टेस्ट से मिली मजबूती
“लक्ष्य छत्तीसगढ़” के सहयोग से राज्य के 18 केंद्रों में नवोदय मॉक टेस्ट आयोजित किए गए, जिससे करीब 1500 विद्यार्थियों को लाभ मिला। वर्ष 2026 में 340 छात्र नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़े रहे, जिससे उनकी तैयारी और मजबूत हुई।
सम्मान और समर्पण
शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए गुनाराम चंदेल को आदर्श शिक्षा रत्न, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, शिक्षा दूत सम्मान, अक्षय अलंकरण और नवोदय क्रांति नेशनल अवार्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि वे अपनी आय का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा इस सामाजिक कार्य में खर्च करते हैं।
जिलेवार चयन की झलक
वर्ष 2026 में चयनित 126 विद्यार्थियों में राजनांदगांव से 33, कबीरधाम से 41, बालोद 11, बेमेतरा 9, बालाघाट 6, बिलासपुर व दुर्ग 4-4, कोरबा, जगदलपुर और मुंगेली 3-3, बलौदाबाजार, कोरिया, बलरामपुर और रायपुर 2-2 तथा बैतूल से 1 विद्यार्थी शामिल है।
सामाजिक सराहना
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर “लक्ष्य” संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और अभिभावकों ने गुनाराम चंदेल को बधाई देते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया है।
शिक्षा के क्षेत्र में यह प्रयास यह साबित करता है कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।

