रायपुर/खैरागढ़. आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक मजबूती को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति का बिगुल फूंक दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के परामर्श और सहमति के बाद प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों एवं स्थायी आमंत्रित सदस्यों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 84 नेताओं को कार्यसमिति सदस्य और 28 वरिष्ठ नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस घोषणा में सबसे महत्वपूर्ण पहलू खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले का बढ़ता प्रभाव रहा है। जिले के दो दिग्गज चेहरों, विक्रांत सिंह और घम्मन साहू को प्रदेश संगठन की मुख्य धारा में शामिल कर पार्टी ने क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने का स्पष्ट संकेत दिया है।
विक्रांत सिंह पर जताया दोबारा भरोसा
खैरागढ़ की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले और वर्तमान जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह को पार्टी ने लगातार दूसरी बार प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य मनोनीत किया है।

युवा चेहरा और अनुभव: विक्रांत सिंह इससे पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का परिचय दे चुके हैं।
सक्रियता का इनाम: क्षेत्र में उनकी सक्रियता और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए संगठन ने उन पर पुनः विश्वास जताया है।
घम्मन साहू: संगठन और समाज के बीच सेतु
जिले के एक अन्य कद्दावर नेता और पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष घम्मन साहू को भी प्रदेश कार्यसमिति में महत्वपूर्ण स्थान मिला है। घम्मन साहू के चयन के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं:

अनुभव: पूर्व जिला पंचायत सभापति और पूर्व जिला अध्यक्ष के रूप में उन्हें सत्ता और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है।
सामाजिक समीकरण: साहू समाज में उनकी गहरी पैठ है, जो छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाता है।
संगठनात्मक निष्ठा: विपरीत परिस्थितियों में भी संगठन के लिए उनकी निरंतर सक्रियता ने उन्हें इस पद का हकदार बनाया है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर
जिले के दो प्रमुख नेताओं को प्रदेश स्तर पर अहम जिम्मेदारी मिलने से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों और समर्थकों ने इसे जिले के लिए गौरव की बात बताते हुए दोनों नेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नियुक्तियों से जिले में पार्टी की पकड़ और अधिक मजबूत होगी।
"यह नियुक्तियां केवल पद नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के परिश्रम का सम्मान हैं। विक्रांत सिंह और घम्मन साहू के अनुभव का लाभ आगामी चुनावों में पूरे प्रदेश को मिलेगा।" >
स्थानीय भाजपा पदाधिकारी

