खैरागढ़. छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला मुख्यालय में 2 नवंबर, सोमवार को राज्योत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। समारोह में प्रदेश के मंत्री श्री दयालदास बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, वहीं सांस्कृतिक संध्या की स्टार नाइट में छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत के प्रसिद्ध अभिनेता एवं कलाकार प्रकाश अवस्थी अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। मंत्री के मुख्य आतिथ्य और लोकप्रिय कलाकार की प्रस्तुति से इस बार का राज्योत्सव खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले राज्योत्सव समारोहों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी की गई है। इसी क्रम में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के लिए मंत्री श्री दयालदास बघेल को मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।
जिला मुख्यालय स्थित फतेह मैदान में आयोजित होने वाले इस समारोह को लेकर जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों की ओर से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति, लोकजीवन और परंपराओं की झलक प्रस्तुत की जाएगी।
स्टार नाइट में प्रकाश अवस्थी होंगे विशेष आकर्षण
राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता एवं कलाकार प्रकाश अवस्थी की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेगी। अभिनय और अपनी विशिष्ट संवाद अदायगी के लिए पहचान बनाने वाले प्रकाश अवस्थी छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति, लोकजीवन और परंपराओं को दर्शकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। प्रदेशभर में उनके प्रशंसकों की बड़ी संख्या है।
स्टार नाइट में उनकी प्रस्तुति को लेकर कला प्रेमियों और दर्शकों में खास उत्साह रहने की उम्मीद है। प्रसिद्ध कलाकार की मौजूदगी सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा राज्योत्सव के गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों, कला प्रेमियों और आम नागरिकों की सहभागिता रहेगी। राज्योत्सव के माध्यम से जहां प्रदेश की विकास यात्रा और शासकीय उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, वहीं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और छत्तीसगढ़ी अस्मिता को भी विशेष पहचान मिलेगी।




