खैरागढ़. मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में आयोजित राज्य स्तरीय पर्वतारोहण, व्यक्तित्व विकास एवं आपदा प्रबंधन शिविर में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले के स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर ने साहस, अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना का प्रशिक्षण प्राप्त किया। राष्ट्रीय साहसिक संस्थान, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स पचमढ़ी में 14 से 18 अक्टूबर तक आयोजित पांच दिवसीय शिविर में जिले के प्रतिभागियों ने विभिन्न साहसिक गतिविधियों, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के भ्रमण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिविर पूर्ण करने के बाद सभी प्रतिभागी 19 अक्टूबर को सकुशल खैरागढ़ पहुंचे और अपने-अपने संस्थानों एवं घरों के लिए रवाना हुए।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा एवं राज्य सचिव अमित क्षत्रिय के आदेशानुसार, जिला मुख्य आयुक्त भगवत शरण सिंह तथा जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला आयुक्त स्काउट उपेंद्र कुमार देवांगन के निर्देश पर जिले के दल ने शिविर में भाग लिया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, दल में 24 स्काउट-रोवर और 22 गाइड-रेंजर सहित कुल 46 प्रतिभागी शामिल हुए।
साहसिक गतिविधियों से बढ़ा आत्मविश्वास
शिविर के पहले दिन 14 अक्टूबर को ध्वज शिष्टाचार एवं प्रभारियों के परिचय के बाद प्रतिभागियों ने पचमढ़ी की ऐतिहासिक पांडव गुफा का भ्रमण किया और क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त की। 15 अक्टूबर को एक्टिविटी जोन में बैलेंसिंग, मंकी जंप, टायर चिमनी, टायर क्रॉसिंग, एयर साइक्लिंग और लैडर क्लाइंबिंग जैसी साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से संतुलन, धैर्य, आत्मविश्वास, टीम भावना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।

16 अक्टूबर को प्रतिभागियों ने रॉक क्लाइंबिंग और बी फॉल का रोमांचक अनुभव प्राप्त किया। इन गतिविधियों ने शारीरिक क्षमता, साहस और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की सीख दी। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम को कैंप फायर आयोजित किया गया।
जटाशंकर धाम के दर्शन, तीरंदाजी और राइफल शूटिंग का अनुभव
17 अक्टूबर को दल ने पचमढ़ी के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में दर्शन किए। प्राकृतिक गुफा में स्थित यह धार्मिक स्थल भगवान शिव से जुड़ी लोकमान्यताओं और अनूठी चट्टानी संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रतिभागियों ने प्राकृतिक वातावरण का अनुभव किया। दोपहर के भोजन के बाद बोटिंग, आर्चरी में राइफल शूटिंग तथा तीर-धनुष चलाने जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
शाम को आयोजित भव्य ग्रैंड कैंप फायर शिविर का प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल तथा छत्तीसगढ़ के KCG, बलौदाबाजार, सरगुजा और कोंडागांव जिलों से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामूहिक गतिविधियों ने आपसी मेलजोल, एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत किया।
प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
18 अक्टूबर को सर्वधर्म प्रार्थना सभा एवं ध्वज शिष्टाचार के साथ ओपन सेशन आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने शिविर के दौरान अर्जित अनुभव साझा किए। शिविर की डायरेक्टर बिलकिस मैम ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इन प्रभारियों ने किया दल का नेतृत्व
शिविर में जिले के दल का नेतृत्व प्रभारी गाइडर इंदिरा चंद्रवंशी, प्रधान पाठक घोठिया; जितेंद्र कुमार वर्मा, व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल गातापार कला; शरद नेताम, व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल कटंगी; श्रद्धा साहू, सेजेस साल्हेवारां; सर्विस रोवर सूर्यकांत एवं आशीष ने किया।
पांच दिवसीय शिविर ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूकता के साथ साहसिक गतिविधियों के जरिए आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सहयोग, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास की महत्वपूर्ण सीख दी। शिविर से प्राप्त अनुभव उनके व्यक्तिगत जीवन, शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में उपयोगी साबित होंगे। शिविर में शामिल सभी स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर, स्काउटर एवं गाइडर को सफल सहभागिता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।


