खैरागढ़. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘मन जागृत अभियान’ के तहत सिविल अस्पताल खैरागढ़ एवं जिला चिकित्सालय खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर डॉ. इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल शुक्ला और सिविल सर्जन डॉ. आशीष शर्मा के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना था।

मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही जरूरी
‘सजग मन, स्वस्थ समाज, समृद्ध भारत’ के संदेश के साथ आयोजित परिचर्चा में मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मानसिक तनाव को समय रहते पहचानना, समस्याओं पर खुलकर बात करना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना महत्वपूर्ण है।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि नींद के पैटर्न में बदलाव, भूख में असामान्य कमी या वृद्धि तथा दैनिक कार्यों और पसंदीदा गतिविधियों में रुचि कम होना मानसिक तनाव अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि व्यवहार, नींद, भूख या दैनिक गतिविधियों में लगातार बदलाव दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। परिवार के सदस्यों को संवेदनशीलता के साथ संबंधित व्यक्ति की बात सुननी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
विद्यार्थियों से वरिष्ठ नागरिकों तक पर ध्यान देने की जरूरत
परिचर्चा में विद्यार्थियों, किशोर-किशोरियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। वक्ताओं ने सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और पारिवारिक सहयोग को मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी पोस्टरों का विमोचन एवं प्रदर्शन किया गया। पोस्टरों के माध्यम से तनाव के संकेत पहचानने, पर्याप्त नींद लेने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने तथा परिवार और मित्रों के साथ संवाद बनाए रखने का संदेश दिया गया।
समय पर उपचार से मिल सकती है मदद
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय पर आकलन और उचित उपचार संभव है। इसलिए मानसिक परेशानी होने पर संकोच या सामाजिक झिझक के कारण सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कमजोरी मानने के बजाय संवेदनशीलता और समझदारी के साथ उनका समाधान तलाशना जरूरी है।
आम नागरिकों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने और जरूरतमंद लोगों को सहयोग देने की अपील की गई। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता एवं परामर्श के लिए निःशुल्क टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई।
स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में बीएमओ डॉ. विवेक बिसेन, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) आकाश तम्बोली, डॉ. निशा साहू, बीईटीओ डी.एल. सोनी, संजय श्रीवास्तव, निशा जांगड़े सहित अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी-कर्मचारी, पैरामेडिकल स्टाफ, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, मरीज और उनके परिजन उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ‘मन जागृत अभियान’ के माध्यम से जिले में समुदाय स्तर तक मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर परामर्श के महत्व को समझाने तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच और उनकी स्वीकार्यता बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।


