खैरागढ़. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शनिवार, 17 अक्टूबर को खैरागढ़ के मंगल भवन परिसर में शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन के साथ विजयादशमी उत्सव भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य बौद्धिक वक्ता राजनांदगांव विभाग प्रचारक जितेंद्र शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विजय केवल शस्त्रों से नहीं, बल्कि संगठित, नैतिक और सशक्त समाज के निर्माण से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्थिक प्रगति के साथ भारतीय संस्कृति, प्राचीन विरासत एवं मूल्यों को अपनाकर ही नवभारत का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि संघ का कार्य केवल उत्सव और समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसाधना, निस्वार्थ सेवा और समाज के प्रति समर्पण का संकल्प है। भारत को परम वैभव संपन्न राष्ट्र और विश्वगुरु बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित में योगदान देना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकता बनाए रखने और हिंदू समाज में आपसी मतभेद पैदा करने वाली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. सुरेश दुबे ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा, शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन की अवधारणा तथा वर्तमान सामाजिक परिवेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर खंड संघचालक देवकरण वर्मा, नगर संघचालक मोतीलाल यादव सहित खैरागढ़ खंड एवं नगर के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


