खैरागढ़. ग्राम पंचायत जालबांधा में प्रस्तावित शासकीय महाविद्यालय भवन के निर्माण में लगातार हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि शासन से राशि स्वीकृत होने और भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।


ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत जालबांधा में शासकीय महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए खसरा क्रमांक 627/1, रकबा 3.2860 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत जालबांधा द्वारा 11 अगस्त 2024 को विधिवत प्रस्ताव पारित कर उक्त भूमि महाविद्यालय निर्माण हेतु उपलब्ध कराने की सहमति प्रदान की जा चुकी है। पंचायत स्तर पर सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण हो जाने के बावजूद अब तक भवन निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए शासन द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसके बाद भी चयनित भूमि पर अतिक्रमण बने रहने के कारण निर्माण एजेंसी को कार्य प्रारंभ करने में बाधा आ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो शासन की स्वीकृत राशि का उपयोग भी प्रभावित हो सकता है और क्षेत्र लंबे समय तक अपने महाविद्यालय भवन से वंचित रह सकता है।
विद्यालय परिसर में चल रहा महाविद्यालय, दोनों संस्थानों पर पड़ रहा असर
ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में शासकीय महाविद्यालय का संचालन ग्राम जालबांधा स्थित शासकीय विद्यालय परिसर में किया जा रहा है। एक ही परिसर में विद्यालय और महाविद्यालय संचालित होने के कारण दोनों संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। कक्षाओं के संचालन के लिए पर्याप्त कमरों का अभाव बना हुआ है, वहीं विद्यार्थियों के बैठने, अध्ययन करने और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा प्रभाव विद्यालय और महाविद्यालय दोनों के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अलग भवन बनने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला
ज्ञापन में कहा गया है कि जालबांधा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों विद्यार्थी इसी महाविद्यालय पर निर्भर हैं। भवन निर्माण में लगातार हो रही देरी के कारण विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रशासन से की ये प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि महाविद्यालय निर्माण हेतु चयनित खसरा क्रमांक 627/1, रकबा 3.2860 हेक्टेयर भूमि से सभी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही भूमि का सीमांकन और संबंधित विभाग को हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाए। उन्होंने शासन द्वारा स्वीकृत राशि का उपयोग सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने तथा कार्य की समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने की भी मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि महाविद्यालय भवन का निर्माण केवल एक भवन निर्माण का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और ग्रामीण अंचल में शिक्षा के विस्तार से जुड़ा विषय है। इसलिए प्रशासन को इसे प्राथमिकता देते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
इस दौरान संकेत कोठारी, दीनदयाल सिन्हा, नन्दूराम, प्यारेलाल, तुषार वर्मा, महेश गुप्ता, बृजलाल, रोहित वर्मा, रामदास, दीनदयाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग करते हुए प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।


