खैरागढ़. खैरागढ़ मुस्लिम जमात के लिए शनिवार का दिन लोकतांत्रिक उत्साह और सामाजिक एकजुटता का गवाह बना। जामा मस्जिद वक्फ कमेटी खैरागढ़ के सदर (अध्यक्ष) पद के लिए हुए चुनाव में निवर्तमान सदर अरशद हुसैन डब्बू ने शानदार जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार सदर पद पर कब्जा जमाया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी अय्यूब सोलंकी को 84 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। चुनाव परिणाम सामने आते ही समर्थकों और मुस्लिम समाज के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

छत्तीसगढ़ शासन वक्फ बोर्ड रायपुर के दिशा-निर्देश तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व टंकेश्वर प्रसाद साहू के मार्गदर्शन में शनिवार 9 मई को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई गई। जामा मस्जिद वक्फ कमेटी के सदर चुनाव को लेकर पिछले एक माह से लगातार तैयारियां चल रही थीं। मतदान कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के निर्देशन एवं चुनाव समिति के नेतृत्व में पूरी चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हुई।
चुनाव में कुल 464 पंजीकृत मतदाताओं में से 396 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो लगभग 85 प्रतिशत मतदान रहा। मतदान समाप्त होने के कुछ ही देर बाद मतगणना प्रारंभ की गई। मतगणना में निवर्तमान सदर अरशद हुसैन डब्बू को कुल 239 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अय्यूब सोलंकी को 155 मत मिले। दो मत निरस्त घोषित किए गए। इस तरह अरशद हुसैन डब्बू ने कुल 84 मतों के अंतर से जीत दर्ज करते हुए अगले तीन वर्षों के लिए जामा मस्जिद वक्फ कमेटी खैरागढ़ के सदर पद पर पुनः निर्वाचित होने का गौरव हासिल किया।

इस चुनाव की खास बात यह रही कि अरशद हुसैन डब्बू पिछले तीन वर्षों से भी जामा मस्जिद वक्फ कमेटी के सदर पद पर कार्यरत रहे हैं। पिछली बार उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध सदर चुना गया था, जबकि इस बार सीधे चुनाव में जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समाज में विश्वास को साबित किया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचन समिति ने उन्हें औपचारिक रूप से जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
जामा मस्जिद खैरागढ़ के सदर चुनाव में मुस्लिम समाज के लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मतदाता मतदान केंद्र पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में भाग लिया। खासतौर पर लगभग 15 प्रतिशत नव मतदाताओं ने पहली बार मतदान किया। इस अवसर पर तहसीलदार भूपेंद्र नेताम ने नव मतदाताओं का अभिनंदन भी किया।
पूरे चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने में चुनाव समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चुनाव समिति के अहम सदस्य डॉ. मकसूद अहमद, मो. इदरीस खान, कय्यूम कुरैशी, ईमाम खान एवं असद उल हक सहित पूरी चुनाव संचालन टीम लगातार सक्रिय रही। वक्फ बोर्ड द्वारा गठित समिति ने प्रशासन, पुलिस, प्रेस और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए पहली बार पूर्ण प्रक्रिया के साथ निर्विवाद चुनाव सम्पन्न कराया, जिसकी समाज के लोगों ने सराहना की।
पुनः सदर निर्वाचित होने के बाद अरशद हुसैन डब्बू ने कहा कि वे आने वाले तीन वर्षों में जामा मस्जिद वक्फ कमेटी और खैरागढ़ मुस्लिम समाज के हित में बेहतर कार्य करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और सभी वर्गों को साथ लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी, ताकि सामाजिक, धार्मिक और सामुदायिक गतिविधियों को और मजबूत किया जा सके।
जीत का प्रमाण पत्र लेने के दौरान तहसीलदार भूपेंद्र नेताम, मुस्लिम समाज के वरिष्ठ एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान, सज्जाक खान, चुनाव समिति के अहम सदस्य डॉ. मकसूद अहमद, जुनैद खान, सैय्यद अल्ताफ अली और सादिक मोतीवाला सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

