खैरागढ़. जिले के ठेलकाडीह थाना क्षेत्र के ग्राम घोंघेडबरी में अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित पुतरी-पुतरा विवाह उत्सव उस समय दर्दनाक हादसे में बदल गया, जब बारात भ्रमण के दौरान एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 22 वर्षीय महीप कुमार जंघेल की मौत हो गई, जबकि तीन से चार अन्य ग्रामीण घायल बताए जा रहे हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे तथा निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों के अनुसार, 1 मई 2026 को शाम लगभग 6 बजे गांव में अक्षय तृतीया के उपलक्ष्य में पारंपरिक उत्सव मनाया जा रहा था। डीजे की धुन पर गांव भ्रमण करते हुए लोग नाच-गान में शामिल थे। इसी दौरान गांव निवासी लेखराम वर्मा की स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक CG 04 JB 7890 को उनका ड्राइवर विकास वर्मा चला रहा था। बताया गया कि विकास को अचानक किसी आवश्यक कार्य से जाना पड़ा, जिसके बाद उसने वाहन गांव में मौजूद लेखराम वर्मा के नाबालिग भतीजे को सौंप दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ देर बाद नाबालिग बालक वाहन रोककर डीजे की धुन पर नाचने के लिए उतर गया। इसी दौरान गांव का ही 22 वर्षीय युवक महेश्वर साहू अचानक वाहन की ड्राइवर सीट पर बैठ गया और बिना पर्याप्त जानकारी के वाहन चलाने लगा। आरोप है कि उसने तेज गति और लापरवाहीपूर्वक स्कॉर्पियो दौड़ा दी, जिससे वहां मौजूद लोग उसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन ने महीप कुमार जंघेल को गंभीर रूप से कुचल दिया और इसके बाद जयराम वर्मा के घर की दीवार से टकराकर पलट गई। हादसे के समय वाहन में चार से पांच बच्चे भी मौजूद थे। गंभीर रूप से घायल महीप कुमार जंघेल को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने उसी रात थाना ठेलकाडीह पहुंचकर सूचना देने का दावा किया, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तत्काल कोई कार्यवाही नहीं की। इसके बाद 2 मई को पुनः थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्यवाही अब तक संदेहास्पद रही है। उनका आरोप है कि पुलिस ने घटना स्थल का विधिवत पंचनामा किए बिना ही दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाकर थाने पहुंचा दिया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि थाना स्तर पर अलग-अलग जानकारी दी जा रही है। कभी वाहन मालिक के वाहन चलाने की बात कही गई, जबकि ग्रामीणों के अनुसार वाहन को गांव के तीन अलग-अलग युवकों द्वारा चलाया जा रहा था। इसी विरोधाभास को आधार बनाकर ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
मामले को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, निष्पक्ष विवेचना तथा घटना की वस्तुस्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
वहीं पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वस्त किया कि मामले की विवेचना जारी है। उन्होंने कहा कि घटना के प्रत्येक पहलू की जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


