खैरागढ़. सुहाग, श्रद्धा और भारतीय पारिवारिक परंपराओं के प्रतीक पर्व वट सावित्री व्रत तथा शनि जयंती को शनिवार को पूरे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों, शनि धामों और वट (बरगद) वृक्षों के आसपास महिलाओं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने पति की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने भी क्षेत्र की महिलाओं के साथ वट सावित्री व्रत का पूजन किया। उन्होंने वट वृक्ष की पूजा कर परिक्रमा की और जिले की खुशहाली, समृद्धि एवं परिवारों में सुख-शांति की कामना की। विधायक के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण किया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत सम्पन्न किया।

जिले के खैरागढ़, छुईखदान, गंडई सहित ग्रामीण अंचलों में भी महिलाओं ने पूरे श्रद्धाभाव से व्रत रखा। कई स्थानों पर सामूहिक पूजा और कथा आयोजन हुए, जहां महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। वट वृक्षों के नीचे महिलाओं ने कच्चा धागा बांधकर अखंड सुहाग की प्रार्थना की।
वहीं शनि जयंती के अवसर पर जिले के शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने शनिदेव को तेल अर्पित कर जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की। मंदिरों में भजन-कीर्तन, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर दिनभर चलता रहा।
विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने जिलेवासियों को वट सावित्री व्रत और शनि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक पर्व भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने महिलाओं की श्रद्धा और समर्पण की सराहना करते हुए जिले की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
धार्मिक आयोजनों के चलते पूरे जिले का माहौल भक्तिमय बना रहा। बाजारों में पूजा सामग्री, फल-फूल और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर दिनभर चहल-पहल रही, जबकि प्रशासन और मंदिर समितियों द्वारा भी व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए थे।


