खैरागढ़. खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले को बने 3 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क — जो खैरागढ़ को कवर्धा और राजनांदगांव और दुर्ग जिले से जोड़ती है — आज भी घने अंधेरे में डूबी हुई है। नगर पालिका की उदासीनता और लापरवाही का आलम यह है कि विद्युत खंभों पर लाइटें तो लगी हैं, लेकिन उनसे रोशनी नाम मात्र की ही मिलती है। राहगीरों को रोशनी तभी मिलती है जब वे सीधे विद्युत पोल के नीचे खड़े हों, अन्यथा थोड़ी भी रोशनी आगे नहीं आती। इस वजह से सूर्यास्त होते ही मुख्य मार्ग पर अंधेरा छा जाता है।
अंधेरे और सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी के कारण इस मार्ग पर आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोग घायल हो रहे हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन सबके बावजूद, नगर पालिका ने अब तक कोई सबक नहीं लिया है।
बढ़ते हादसे और नागरिक आक्रोश
हाल ही में, इतवारी बाजार के पास एक एंबुलेंस ने गाय को टक्कर मारते हुए वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति को भी टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, अटल चौक के पास भी आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।
कांग्रेस का मौन कैंडल मार्च और चेतावनी
इस गंभीर मामले में आज शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा शहर अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुर्गा चौक स्थित स्व. राजा देवव्रत सिंह की प्रतिमा से कलेक्टर कार्यालय तक मौन कैंडल मार्च निकाला। कलेक्टर कार्यालय में स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष कैंडल रखकर उन्होंने नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डॉ. अरुण भारद्वाज ने कहा, "जब जिला मुख्यालय ही अंधेरे में डूबा हुआ है, तो पूरे जिले की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है और नगर पालिका में भी भाजपा के अध्यक्ष हैं, फिर भी जिला मुख्यालय की यह स्थिति भाजपा सरकार की उदासीनता को दर्शाता है। आए दिन सड़क हादसों में लोग घायल हो रहे हैं और कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिसकी एकमात्र जिम्मेदार नगर पालिका है। आज हमने नगर पालिका के 20 वार्डों के लिए 20 कैंडल जलाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया है। लेकिन इसके बाद भी यदि नगर पालिका द्वारा नगर की विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।"
इस दौरान विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन, नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, पुरन सारथी, शेखर दास वैष्णव, भरत चंद्राकर, सूर्यकान्त यादव, मोहित भांडेकर, महेश यादव, विनोद सिन्हा, रघुनाथ यादव, सिद्धांत सिंह, राहुल बंजारे सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।


