खैरागढ़. छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि VSK ऐप में आ रही तकनीकी त्रुटियों के कारण प्रदेश के किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठनों एवं शिक्षकों द्वारा ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं और एरर संबंधी शिकायतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है तथा शिक्षकों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को VSK ऐप में आ रही सभी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य 15 अगस्त तक ऐप की सभी तकनीकी खामियों को दूर कर इसे पूरी तरह सुचारु बनाना है, ताकि शिक्षकों को बिना किसी परेशानी के ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा मिल सके।
उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के लगभग 1 लाख 75 हजार शिक्षकों में से करीब डेढ़ लाख शिक्षक, यानी लगभग 85 प्रतिशत शिक्षक, प्रतिदिन VSK ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश के शिक्षक नई तकनीक को अपनाते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
श्री यादव ने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। सरकार उनके अनुशासन, समर्पण और सहयोग का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से प्राप्त सुझावों और अनुभवों के आधार पर VSK ऐप को और अधिक सरल, उपयोगी तथा प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि इसका संचालन सहज और सुविधाजनक हो सके।
शिक्षा मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुविधा और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी शिक्षक को तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई आती है, तो उसके हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी और उसे किसी प्रकार की प्रशासनिक या आर्थिक हानि नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की कि वे पूर्व की भांति VSK ऐप का नियमित उपयोग करते रहें। साथ ही यदि ऐप के उपयोग के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या सुधार संबंधी सुझाव हों, तो उन्हें संबंधित अधिकारियों तक अवश्य पहुंचाएं। सरकार प्रत्येक सुझाव का सकारात्मक परीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगी, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक तकनीक-सक्षम, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।


