खैरागढ़. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय ने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग में डूबा एक अनूठा आयोजन किया। विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार आयोजित 12 घंटे का अखंड घुंघरू नाद कार्यक्रम उपस्थित दर्शकों के लिए मंत्रमुग्ध कर देने वाला अनुभव साबित हुआ।
माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) लवली शर्मा के संरक्षण में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे कुलपति महोदया एवं विभागाध्यक्ष डॉ. देवमाईत मिंज ने किया। इसके बाद पूरी प्रातः से सायं 7 बजे तक कथक विभाग के विद्यार्थियों ने निरंतर घुंघरू नाद के साथ कथक नृत्य प्रस्तुतियाँ दी। विद्यार्थियों की लय, मुद्राएँ और भावात्मक अभिव्यक्ति दर्शकों को भावविभोर कर देने वाली रही।

कार्यक्रम का आयोजन कथक विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवाली सिंह के मार्गदर्शन तथा शोधार्थी रवि प्रकाश के निर्देशन में किया गया। इसमें अतिथि व्याख्याता डॉ. गुंजन तिवारी और डॉ. मंजरी बख्शी का योगदान भी उल्लेखनीय रहा।
सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस अखंड नृत्य महोत्सव ने विद्यार्थियों को अपनी कला को प्रभावपूर्ण रूप से प्रस्तुत करने का अवसर दिया। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर कार्यक्रम ने भक्ति, साधना और सांस्कृतिक गरिमा का अनुपम संगम प्रस्तुत किया, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में आध्यात्मिक माहौल और अधिक प्रगाढ़ हुआ।

