खैरागढ़/छुईखदान. छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का वनांचल क्षेत्र दौरा जनसंवाद और त्वरित निर्णय की मिसाल बनकर सामने आया। छुईखदान क्षेत्र के ग्राम सरोधी (बकरकट्टा) में आयोजित जन चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने क्षेत्र की अहम मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए छुईखदान उपकोषालय (ट्रेजरी) के संभावित स्थानांतरण का मुद्दा मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि क्षेत्र के इतिहास, सम्मान और “शहीद नगरी” की पहचान से जुड़ा विषय है।
विक्रांत सिंह की इस पहल पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चौपाल में ही स्पष्ट घोषणा की कि छुईखदान का उपकोषालय कहीं स्थानांतरित नहीं किया जाएगा और यथावत यहीं संचालित रहेगा। इस घोषणा के साथ ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई और इसे आमजन की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
यह घोषणा मुख्यमंत्री के सल्हेवारा दौरे के दौरान आयोजित जन चौपाल में की गई, जो यह दर्शाती है कि सरकार अब सीधे जनता के बीच पहुंचकर मौके पर ही निर्णय लेने की दिशा में कार्य कर रही है।
जनसंवाद से विकास को नई गति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि शासन अब केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, सहभागिता और विश्वास पर आधारित जन-केंद्रित व्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही प्रदेश के समग्र विकास की असली ताकत है।
चौपाल के दौरान वनांचल क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यों की स्वीकृति भी दी गई। इनमें गंडई से बकरकट्टा तक 8 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण, तेन्दूभाठा से जोम ओटेबंध तक 4 किलोमीटर सड़क निर्माण (पुल-पुलिया सहित), साल्हेवारा-पण्डरापानी-समुन्दपानी मार्ग पर मगुरदा नाला में पुल निर्माण, बकरकट्टा में 108 एम्बुलेंस की स्वीकृति, कुम्ही से भोथली (मरकाटोला मार्ग) तक 8.50 किलोमीटर सड़क निर्माण, कोपरो-ग्वालगुंडी मार्ग पर दो बड़े पुल, बैगा साल्हेवारा मार्ग पर 80 मीटर पुल तथा बकरकट्टा से नवागांव तक 2.70 किलोमीटर सड़क नवीनीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा ग्राम सरोधी में मिडिल स्कूल भवन, ग्राम पंचायत भवन और पीडीएस भवन निर्माण तथा बकरकट्टा में 33 केवी सब स्टेशन स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
जन चौपाल में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में संदीप महोबिया, सुरेन्द्र तिवारी, शुभम विश्वास, अंकित महोबिया सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने आयोजन को जनसहभागिता का मजबूत उदाहरण बना दिया।
आत्मसम्मान से जुड़ा फैसला
छुईखदान उपकोषालय को यथावत रखने का निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और जनभावनाओं से जुड़ा कदम माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया है कि जब जनप्रतिनिधि मजबूती से जनता की आवाज उठाते हैं, तो समाधान भी उसी मंच पर संभव होता है।
सुशासन तिहार के इस आयोजन ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।



