खैरागढ़. जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज गर्म हवाओं के चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित लू (तापाघात) के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान शुरू करते हुए नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि वर्तमान मौसम में उच्च तापमान, तेज धूप और शुष्क वातावरण के कारण हीट-स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ने लगता है और पानी तथा आवश्यक खनिज लवणों की कमी से व्यक्ति की स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों, निर्माण श्रमिकों, यातायात कर्मियों तथा खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को उच्च जोखिम श्रेणी में बताया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। घर से बाहर निकलते समय सिर, कान और गर्दन को ढककर रखें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें तथा छाता या टोपी का उपयोग करें। इसके साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी, लस्सी और ओआरएस का सेवन करने की सलाह दी गई है। खाली पेट बाहर न निकलने और बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार लू लगने पर तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, घबराहट, बेहोशी, सांस लेने में कठिनाई, दिल की धड़कन तेज होना तथा शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे संकेत मिलने पर तत्काल सतर्क होना आवश्यक है।
लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडे स्थान पर ले जाकर लिटाना चाहिए। शरीर को गीले कपड़े से ठंडा करना, हवा करना और ठंडे पानी की पट्टियां रखना प्राथमिक उपचार में शामिल है। यदि मरीज होश में हो तो उसे ओआरएस घोल, ठंडा पानी या कच्चे आम का पना दिया जा सकता है, जबकि बेहोशी की स्थिति में उसे कुछ भी खाने-पीने के लिए नहीं देना चाहिए और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए।
डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले के सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में हीट-स्ट्रोक प्रबंधन के लिए आवश्यक दवाइयां, ओआरएस, आईवी फ्लूड और अन्य संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को विशेष रूप से आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल और स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के इस दौर में सावधानी और जागरूकता को प्राथमिकता दें। समय रहते सतर्कता बरतकर ही लू जैसी घातक स्थिति से बचा जा सकता है और किसी भी संभावित जनहानि को रोका जा सकता है।


