खैरागढ़. जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ओवर स्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, नाबालिग वाहन चालकों और आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई।
बैठक में कलेक्टर ने रात्रिकालीन समय में तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में स्पीड डिटेक्शन कैमरे स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करते हुए संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार करने कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन केवल आम नागरिकों ही नहीं, बल्कि शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी समान रूप से आवश्यक है।
बरसात के मौसम में आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने पशुपालन विभाग को शहरी गौठान की स्थापना की प्रक्रिया शुरू करने तथा कांजी हाउस और गौधामों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के सड़कों पर विचरण से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना प्रशासन की प्राथमिकता है।
सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों में निबंध, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
बैठक में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत प्रकरणों के समयबद्ध सत्यापन, हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने तथा ई-डीएआर (eDAR) प्रणाली के प्रभावी संचालन की समीक्षा भी की गई। पुलिस और यातायात विभाग को इन मामलों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वर्षाकाल को देखते हुए सालेवारा घाटी क्षेत्र में संभावित भूस्खलन की आशंका पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक नेट लगाने और सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, शराब दुकानों के बाहर सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने तथा रात्रिकालीन जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से ड्रंक एंड ड्राइव मामलों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा डीजे वाहनों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा के पालन के लिए साउंड डेसिबल मीटर के उपयोग पर भी बल दिया गया।
बैठक के अंत में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सतत प्रयास करने का आह्वान किया। प्रशासन का मानना है कि इन उपायों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और जिले में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी।

