खैरागढ़/बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने शादी का दबाव बना रही अपनी नाबालिग प्रेमिका को रास्ते से हटाने के लिए खौफनाक साजिश रची और अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी सहित दो पुरुषों और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में ले लिया है।
शादी समारोह से हुआ था अपहरण
घटना की शुरुआत 28 मार्च की रात को हुई। ग्राम चिचोला निवासी प्रार्थी शैलेंद्र वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी नाबालिग बेटी अपने मामा की शादी में शामिल होने ग्राम पिपरिया (खैरागढ़) आई थी। रिसेप्शन कार्यक्रम के दौरान रात करीब 11:30 बजे वह अचानक लापता हो गई। काफी तलाश के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने अपहरण की आशंका जताते हुए थाना खैरागढ़ में मामला दर्ज कराया।
साजिश: पहचान छिपाने के लिए बदलवाए कपड़े, फेंका मोबाइल

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जब तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो मुख्य संदेही मोहन वर्मा का नाम सामने आया। कड़ाई से पूछताछ करने पर मोहन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मोहन का नाबालिग से एक साल से प्रेम प्रसंग था। इस दौरान शारीरिक शोषण के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई थी, जिसे आरोपी ने दवा खिलाकर गर्भपात कराने की कोशिश की। जब पीड़िता ने साथ रहने का दबाव बनाया, तो मोहन ने उसे रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसने अपने दोस्त हरीश वर्मा और एक अन्य नाबालिग साथी के साथ मिलकर षडयंत्र रचा।
हत्या का घटनाक्रम:
अपहरण: 28 मार्च की रात आरोपी मोटर सायकल से पिपरिया पहुंचे और बालिका को बहला-फुसलाकर ले गए।
साक्ष्य मिटाना: आरोपियों ने पहले से नए कपड़े खरीद रखे थे। रास्ते में ही पीड़िता के कपड़े बदलवाए गए और उसका मोबाइल तोड़कर फेंक दिया गया ताकि लोकेशन न मिल सके।
ट्रेन का सफर: डोंगरगढ़ स्टेशन से बिलासपुर की टिकट लेकर वे 'वेनगंगा एक्सप्रेस' में चढ़े।
वारदात: बिलासपुर स्टेशन आने पर जब पीड़िता ने उतरने की जिद की, तो आरोपी उसे गुमराह कर आगे ले गए। जयरामनगर स्टेशन के पास विवाद बढ़ने पर तीनों ने मिलकर बालिका को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अकलतरा स्टेशन पर उतरे और वापस डोंगरगढ़ आ गए। रास्ते में उन्होंने पीड़िता के पुराने कपड़ों को भी जला दिया। हालांकि, पुलिस की सायबर सेल और सीसीटीवी टीम ने आरोपियों को डोंगरगढ़, अकलतरा और खैरागढ़ के कैमरों में कैद पाया। इधर, बिलासपुर के मस्तुरी थाना अंतर्गत जयरामनगर-गतौरा के बीच रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव मिलने की सूचना से कड़ियाँ जुड़ती गईं।
पुलिस की कार्रवाई
खैरागढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
मोहन वर्मा (27 वर्ष): मुख्य आरोपी, निवासी चिचोला।
हरीश वर्मा (31 वर्ष): सहयोगी, निवासी अछोली (डोंगरगढ़)।
विधि से संघर्षरत बालक: सहयोगी।
जप्त संपत्ति: घटना में प्रयुक्त 01 मोटरसाइकिल और 02 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 103(1) (हत्या), 140(1), 62(2) और 238 के तहत मामला दर्ज किया है। बालिग आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग सहयोगी को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में खैरागढ़ पुलिस, सायबर सेल और मस्तुरी पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।


