खैरागढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से खाने के तेल की खपत कम करने की अपील और उनके जन्मदिन पर दीपक जलाने के आह्वान को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के जिला प्रवक्ता मनोहर सेन ने सवाल उठाए हैं।
मनोहर सेन ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री देश की जनता से खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने की अपील करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके जन्मदिन के अवसर पर देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का आह्वान किया जा रहा है। ऐसे में जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर दोनों संदेशों में तालमेल कैसे बैठता है।
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रसोई का तेल भी महंगाई के दौर में महत्वपूर्ण खर्च है। ऐसे में भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि हर घर में दीपक जलाने की अपील की जा रही है, तो क्या गरीब परिवारों को दीपक जलाने के लिए तेल उपलब्ध कराया जाएगा? जिला प्रवक्ता मनोहर सेन ने कहा कि सवाल सिर्फ एक दीपक में खर्च होने वाले तेल का नहीं, बल्कि उस संदेश का है जो जनता तक पहुंच रहा है। जब तेल बचाने की अपील की जा रही है, तो बड़े पैमाने पर दीपक जलाने का आह्वान क्यों? उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार को जनता को यह स्पष्ट करना चाहिए कि गरीब परिवार रसोई के लिए तेल बचाए या राजनीतिक आयोजन में दीपक जलाए? जनता इस विरोधाभास का जवाब जानना चाहती है।
मनोहर सेन ने कहा कि महंगाई और घरेलू बजट से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सिर्फ अपील नहीं, बल्कि आम परिवारों की परेशानियों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता अब सवाल पूछ रही है और भाजपा को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।


