खैरागढ़. जालबाँधा चौकी क्षेत्र के ग्राम बिजलदही में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब दो दिनों से लापता किसान का शव गांव की नाली में सड़ी-गली अवस्था में मिला। मृतक की पहचान राजेंद्र वर्मा (45 वर्ष), पिता स्वर्गीय पुनऊ राम वर्मा, निवासी ग्राम बिजलदही के रूप में हुई। शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं घटना को लेकर कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार राजेंद्र वर्मा 5 अगस्त की रात करीब 8 बजे अपने घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर करीब 24 घंटे बाद जालबांधा थाना पहुंचकर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इधर शुक्रवार शाम स्कूल से घर लौट रहे बच्चों को गांव की नाली के पास से तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर जब उन्होंने पास जाकर देखा तो नाली के भीतर एक शव फंसा हुआ था। बच्चों ने तत्काल ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला, जिसकी पहचान राजेंद्र वर्मा के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि शव को खैरागढ़ शवगृह ले जाने के लिए एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन करीब दो घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। काफी इंतजार के बाद परिजन और ग्रामीणों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर शव को खैरागढ़ शवगृह पहुंचाया।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राजेंद्र वर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कोई दुर्घटना, प्राकृतिक कारण या अन्य वजह है।
मृतक राजेंद्र वर्मा खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। अचानक हुई इस घटना से पूरे ग्राम बिजलदही में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


