खैरागढ़. तन्मय गिडिया सरस्वती शिशु मंदिर इंग्लिश मीडियम स्कूल, खैरागढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रथम अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित की गई। बैठक में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार और रुचियों को लेकर शिक्षकों से विस्तार से चर्चा की। साथ ही विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रबंधन को लेकर अपने सुझाव और विचार भी साझा किए। अभिभावक विद्यालय के सुरक्षित, अनुशासित एवं सकारात्मक वातावरण से संतुष्ट नजर आए।
बैठक के दौरान विद्यालय ने अपनी शिक्षा-दृष्टि भी स्पष्ट की। विद्यालय का जोर अंग्रेजी माध्यम में आधुनिक शिक्षा देने के साथ विद्यार्थियों को भारतीय भाषा, संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जोड़े रखने पर है। विद्यालय का मानना है कि अंग्रेजी आधुनिक दुनिया से जुड़ने का माध्यम बने, लेकिन इसके कारण बच्चे अपनी जड़ों से दूर न हों। इसी सोच के तहत विद्यालय अंग्रेजी शिक्षा और भारतीय मूल्यों के समन्वय पर जोर दे रहा है और औपनिवेशिक दौर की उस शिक्षा-दृष्टि से अलग दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है, जिसने शिक्षा को भारतीय सांस्कृतिक जड़ों से अलग करने पर बल दिया था।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती गरिमा सिंह ने कहा कि बच्चों को अंग्रेजी में दक्ष बनाना विद्यालय का उद्देश्य है, लेकिन उन्हें अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति से जोड़े रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों और संस्कारों को बच्चों के व्यक्तित्व का मजबूत आधार बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
समिति सदस्य श्री मनोज गिडिया ने अभिभावकों से मिले सुझावों को संज्ञान में लेते हुए विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की योजना साझा की। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शीघ्र ही विद्यालय में रोबोटिक्स शिक्षा शुरू की जाएगी।
बैठक के दौरान अभिभावकों और बच्चों के लिए संयुक्त गतिविधि भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य अभिभावक-बच्चों के बीच आपसी जुड़ाव और मजबूत संबंधों को बढ़ावा देना था। समग्र रूप से PTM विद्यालय, शिक्षक और अभिभावकों के बीच संवाद, सहभागिता और विश्वास को और मजबूत करने वाली रही।


