रायपुर. छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब दोपहिया वाहन चलाने वाले चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले सहयात्री के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्यभर में इस नियम को कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर द्वारा जारी आदेश सभी क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को भेज दिए गए हैं। निर्देश में विशेष रूप से राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजमार्गों पर इस नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, जहां तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते हादसों का खतरा अधिक रहता है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत चालानी कार्रवाई के साथ अन्य दंडात्मक प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे विशेष अभियान चलाकर आम नागरिकों को हेलमेट के महत्व के प्रति जागरूक करें, साथ ही नियमित चेकिंग अभियान तेज करें।
शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी इस नियम को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है, क्योंकि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में हेलमेट के उपयोग को लेकर लापरवाही देखी जाती है। विभाग का मानना है कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि जन-जागरूकता से जुड़ा मुद्दा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क हादसों में सिर पर चोट लगना मौत का सबसे बड़ा कारण बनता है। ऐसे में हेलमेट न केवल चालान से बचने का साधन है, बल्कि जीवन रक्षक सुरक्षा कवच भी है। परिवहन विभाग की यह पहल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों का पालन करें और हेलमेट का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें।


