खैरागढ़. छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि और चरमराती विद्युत व्यवस्था को लेकर राजनीति गर्मा गई है। गुरुवार को आम आदमी पार्टी (AAP) ने जिला के.सी.जी. के पिपरिया स्थित बिजली कार्यालय का जोरदार घेराव किया। पार्टी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि 'बिजली सरप्लस' राज्य होने के बावजूद जनता पर आर्थिक बोझ डालना अन्याय है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और विभाग के प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कुप्रबंधन और एमडी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश का ऊर्जा विभाग वर्तमान में पूरी तरह ब्यूरोक्रेट्स के चंगुल में है। उन्होंने आरोप लगाया कि वितरण कंपनी के एमडी की लापरवाही और खराब प्रबंधन के कारण अघोषित बिजली कटौती आम हो गई है।
पार्टी ने मांग की है कि:
विद्युत विभाग के वर्तमान एमडी को तत्काल पद से हटाया जाए।
प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को फौरन वापस लिया जाए।
स्मार्ट मीटर के नाम पर हो रही धांधली और तकनीकी खामियों को सुधारा जाए।
नए टेंडर सिस्टम में भ्रष्टाचार का आरोप
'आप' नेताओं ने हाल ही में लागू किए गए नए टेंडर सिस्टम पर भी गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि आपातकालीन कार्यों के लिए बनाए गए नियम इतने जटिल और अव्यवहारिक हैं कि अनुभवहीन ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिल रहा है। इससे मरम्मत कार्य की गुणवत्ता गिर रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को अघोषित कटौती के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
बकायादारों पर 'अल्टीमेटम': 1 मई से कटेगी बिजली
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पार्टी ने सरकार की दोहरी नीति पर प्रहार किया। जिला महासचिव श्याम मूर्ति नायडू ने कहा, "एक तरफ सरकार आम जनता की जेब ढीली कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों का 3500 करोड़ रुपये और निजी उद्योगपतियों का हजारों करोड़ का बिल पेंडिंग है।"
"यदि सरकार इन रसूखदार बकायादारों से वसूली नहीं करती या इनके कनेक्शन नहीं काटती, तो 1 मई 2026 के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता खुद जाकर इन संस्थानों के बिजली कनेक्शन काटेंगे।"
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ी है पार्टी:
दरों में स्थिरता: बिजली सरप्लस राज्य का लाभ उपभोक्ताओं को मिले।
जवाबदेही तय हो: बड़े अधिकारियों के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा हो।
पारदर्शिता: टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर गुणवत्तापूर्ण काम सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी:
इस उग्र आंदोलन में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता, जिला महासचिव श्याम मूर्ति नायडू, लोकसभा उपाध्यक्ष संतोष यादव, निलेश सोनी, खैरागढ़ ब्लॉक अध्यक्ष संदीप जांघेल, राजेश मारकंडे, रामकुमार ठाकुर, भरथरी वर्मा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पार्टी ने अंत में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी, तो आने वाले समय में पूरे प्रदेश में उग्र जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।


